Punjab News: वोटर लिस्ट से नाम कटा तो सरकारी योजनाओं का लाभ हो सकता है प्रभावित, जानिए किन स्कीमों पर पड़ेगा असर
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन
Punjab News: पंजाब में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हट जाता है, तो इसका असर सिर्फ वोट डालने तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं, जिनमें वोटर कार्ड अनिवार्य दस्तावेज है या फिर पंजाब का स्थायी निवासी साबित करने के लिए सबसे अहम पहचान पत्र माना जाता है। ऐसे में नाम कटने पर पात्र लाभार्थियों को सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी आ सकती है।
राज्य में बूथ लेवल पर मतदाता सूची का पुनरीक्षण जारी है। इस दौरान ऐसे मामलों की भी जांच हो रही है, जिनमें किसी व्यक्ति का नाम दूसरे राज्य की मतदाता सूची में दर्ज होने के कारण पंजाब की वोटर लिस्ट से हटाया जा रहा है। ऐसे लोगों को समय रहते अपना वोटर स्टेटस जांचने और जरूरत पड़ने पर दावा या आपत्ति दर्ज कराने की सलाह दी जा रही है।
दो बड़ी योजनाओं पर सीधे पड़ सकता है असर
पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना में पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह देने का प्रावधान है। सरकार ने इस योजना के लिए स्पष्ट किया है कि लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जिनका नाम पंजाब की मतदाता सूची में दर्ज होगा। यदि नाम वोटर लिस्ट से हट जाता है तो योजना का लाभ प्रभावित हो सकता है।
इसी तरह मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का हेल्थ कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड के साथ पंजाब का वोटर कार्ड अनिवार्य दस्तावेज है। यदि लाभार्थी 18 वर्ष से कम आयु का है, तो उसके माता-पिता का वोटर कार्ड देखा जाता है।
सात अन्य योजनाओं में भी वोटर कार्ड की अहम भूमिका
हालांकि पंजाब सरकार की सात अन्य योजनाओं में वोटर कार्ड हर स्थिति में अनिवार्य नहीं है, लेकिन पंजाब का स्थायी निवासी साबित करने के लिए इसे सबसे मजबूत वैकल्पिक दस्तावेज माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति के पास निवास प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है, तो कई मामलों में वोटर कार्ड के आधार पर आवेदन स्वीकार किया जाता है।
इन्हीं योजनाओं में बुढ़ापा पेंशन योजना, विधवा एवं निराश्रित महिला पेंशन, आश्रम एवं दिव्यांग बच्चों से जुड़ी पेंशन योजना, स्मार्ट राशन कार्ड योजना, पंजाब आशीर्वाद योजना, पंजाब लेबर कार्ड और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना शामिल हैं। इन योजनाओं में पहचान और निवास के सत्यापन के दौरान वोटर कार्ड महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
बूथ लेवल पर चल रही है जांच
SIR के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन कर रहे हैं। एक बीएलओ ने बताया कि कई ऐसे मामलों में नाम हटाए जा रहे हैं, जहां संबंधित व्यक्ति ने अपने गृह राज्य की मतदाता सूची में पहले ही पंजीकरण करा लिया है। ऐसे मामलों में नियमों के तहत एक ही राज्य की मतदाता सूची में नाम रखा जा सकता है।
यदि आपको अपने नाम को लेकर संदेह है, तो निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर EPIC नंबर या नाम के जरिए मतदाता सूची में अपना रिकॉर्ड देखा जा सकता है। यदि नाम सूची में नहीं मिलता है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दावा या सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है।
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