Punjab Weather: पंजाब के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, चंडीगढ़ में भी बरसेंगे बादल, हिमाचल में नदी किनारे न जाने की सलाह
पंजाब के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
Punjab Weather: पंजाब में मानसून की एंट्री हुए एक सप्ताह हो चुका है, लेकिन अब तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई। इसी वजह से लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। अब मौसम विभाग ने 9 जुलाई से अगले तीन दिनों के लिए बारिश की गतिविधियां तेज होने का पूर्वानुमान जारी किया है। खासतौर पर पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पांच जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। चंडीगढ़ में भी दिनभर बादल छाए रहने के साथ बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों को मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
पंजाब में जुलाई के शुरुआती दिनों में सामान्य से 3 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है, लेकिन चंडीगढ़ में अब तक सामान्य से 71 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। इसके बावजूद अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है और यह सामान्य से 2.9 डिग्री नीचे बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान फरीदकोट में 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश बढ़ने पर आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना जताई गई है।
हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट, पर्यटकों के लिए एडवाइजरी
पंजाब से सटे हिमाचल प्रदेश में भी मौसम विभाग ने 12 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, सिरमौर और शिमला के कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना है। लगातार बारिश से जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। मंडी जिले में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से नदी किनारों से दूर रहने की अपील की है। वहीं पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर मैगल के पास पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुआ।
बारिश कम होने और उमस बढ़ने का असर बिजली की खपत पर भी दिखाई दिया। पंजाब में बिजली की मांग बढ़कर 15,405 मेगावाट तक पहुंच गई। इसमें 4,905 मेगावाट बिजली राज्य के अपने बिजलीघरों से तैयार की गई, जबकि 10,518 मेगावाट बिजली नेशनल ग्रिड से ली गई। सरकार फिलहाल अतिरिक्त बिजली खरीदकर मांग पूरी कर रही है। यदि गर्मी और उमस का यही दौर जारी रहता है तो आने वाले दिनों में बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।
भाखड़ा और पौंग बांध का जलस्तर फिलहाल सुरक्षित
बीबीएमबी के ताजा आंकड़ों के अनुसार भाखड़ा बांध में 39,834 क्यूसेक और पौंग बांध में 21,459 क्यूसेक पानी की आमद दर्ज की गई है। वहीं भाखड़ा से 24,287 क्यूसेक और पौंग से 17,219 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। भाखड़ा बांध का जलस्तर 1,568.66 फीट और पौंग बांध का जलस्तर 1,318.96 फीट रिकॉर्ड किया गया है। दोनों बांधों का जलस्तर अभी निर्धारित अधिकतम चेतावनी स्तर से काफी नीचे है, इसलिए फिलहाल किसी तरह की तत्काल खतरे की स्थिति नहीं है।
10 जुलाई के बाद कमजोर पड़ सकता है मानसून
मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 9 जुलाई तक पंजाब, हरियाणा और ट्राईसिटी में मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई से मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकती हैं। इसके बाद अगले दो से तीन दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
