Hisar News: हिसार में सनसनी, लिव-इन पार्टनर का अबॉर्शन करा श्मशान घाट में भ्रूण फेंकते पकड़ा गया प्रेमी
ERV टीम ने रात के अंधेरे में दबोचा, पॉलीथिन से निकला भ्रूण; प्रेमी-प्रेमिका पर केस दर्ज
Hisar News: लिव-इन रिलेशनशिप और आधुनिक जीवनशैली के बीच पनपने वाले सामाजिक अंतर्विरोध कभी-कभी किस कदर खौफनाक शक्ल अख्तियार कर लेते हैं, इसकी एक दहला देने वाली मिसाल हिसार में देखने को मिली है।
हिसार पुलिस ने बुधवार की स्याह रात में एक ऐसे युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जो समाज में लोक-लाज और बदनामी के डर से अपनी ही प्रेमिका के गर्भपात (अबॉर्शन) के बाद मिले भ्रूण को ठिकाने लगाने निकला था। श्मशान घाट की सूनी सड़क और झाड़ियों का फायदा उठाकर वह इस ‘पाप’ को दफन कर देना चाहता था, लेकिन इससे पहले कि वह अपने मंसूबों में कामयाब हो पाता, पुलिस की मुस्तैदी ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
गश्ती दल की नजर और खुल गया पॉलीथिन का खौफनाक राज
यह पूरी घटना हिसार के सेक्टर-14 पार्ट-2 क्षेत्र की है। रोज की तरह इलाके में गश्त कर रही इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) की टीम को आधी रात के वक्त श्मशान घाट रोड पर एक संदिग्ध युवक हाथ में काली पॉलीथिन लिए मंडराता हुआ दिखाई दिया। ईआरवी पर तैनात एसएसआई सोमबीर और महिला पुलिसकर्मी सुमन को कुछ गड़बड़ी का अंदेशा हुआ, तो उन्होंने बिना वक्त गंवाए घेराबंदी कर युवक को रोक लिया।
पुलिसकर्मियों ने जब युवक के हाथ से पॉलीथिन लेकर उसकी तलाशी ली, तो भीतर का नजारा देखकर उनके भी होश उड़ गए। उस थैली के भीतर एक नवजात भ्रूण छुपाया गया था। कड़ाई से की गई शुरुआती पूछताछ में आरोपी की पहचान गांव नियाणा निवासी 29 वर्षीय अनिल कुमार के रूप में हुई।
सात साल की मोहब्बत का ऐसा दर्दनाक अंत, डर ने बनाया मुजरिम
पुलिस की कस्टडी में आने के बाद अनिल ने जो राज उगले, वे चौंकाने वाले थे। अनिल ने कुबूल किया कि वह अपने ही गांव की एक युवती से पिछले सात सालों से बेपनाह मोहब्बत करता था। सामाजिक बंदिशों से दूर दोनों हिसार के ही ऋषि नगर इलाके में एक साथ लिव-इन में रह रहे थे। इसी दौरान युवती गर्भवती हो गई।
शादी से पहले बच्चे के जन्म की बात सोचकर दोनों बुरी तरह घबरा गए। उन्हें लगा कि यदि यह बात समाज और परिवार के सामने आई, तो भारी बदनामी होगी। इसी बदनामी की खौफ के चलते दोनों ने आपसी सहमति से गर्भपात कराने का आत्मघाती फैसला लिया। अबॉर्शन के बाद अनिल उस भ्रूण को ठिकाने लगाने के लिए श्मशान घाट के पास की झाड़ियों को तलाश रहा था।
सीन ऑफ क्राइम टीम ने जुटाए सबूत, अब अवैध अबॉर्शन रैकेट की तलाश
इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत सीन ऑफ क्राइम (SOC) की स्पेशल फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। वहीं, बरामद भ्रूण को आगे की जांच और डीएनए व अन्य मेडिकल औपचारिकताओं के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है।
हिसार के पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धांत जैन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि युवक और उसकी लिव-इन पार्टनर दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एसपी ने साफ किया कि पुलिस की तफ्तीश अब इस मुख्य बिंदु पर टिक गई है कि इस अवैध गर्भपात को अंजाम कहां और किसने दिया। पुलिस उस डॉक्टर या अस्पताल के नेटवर्क को खंगाल रही है, जिसने नियमों को ताक पर रखकर यह अबॉर्शन किया, क्योंकि इसमें कई बड़े चेहरों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।
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