Kaithal Police: कैथल में पुलिस को चकमा देकर 25 फीट ऊंचे पुल से कूदा बदमाश, पैर टूटते ही चीखते हुए पहुंचा अस्पताल
CIA हिरासत से भागने के लिए हाईवे-ब्रिज से कूदा बदमाश
Kaithal Police: अपराधियों में कानून का खौफ किस कदर खत्म हो चुका है और वे बचने के लिए किस हद तक जा सकते हैं, इसकी एक बानगी कैथल में देखने को मिली। यहां पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश में एक बदमाश ने अपनी ही जान आफत में डाल ली। अवैध हथियार के मामले में पकड़े गए आरोपी सुरेंद्र उर्फ गोलू ने पुलिस टीम को गच्चा देकर नेशनल हाईवे-152डी के करीब 25 फीट ऊंचे पुल से नीचे छलांग लगा दी।
हालांकि, उसकी यह ‘फिल्मी’ छलांग नाकाम रही और नीचे कंक्रीट पर गिरते ही उसका पैर बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया। भागना तो दूर, बदमाश दर्द के मारे वहीं पटरी पर तड़पने लगा। मुस्तैद पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए उसे दोबारा काबू किया और तुरंत एम्बुलेंस के जरिए जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया।
गुप्त सूचना पर हुई थी पहली गिरफ्तारी
इस पूरे घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए डीएसपी सुशील प्रकाश ने अपने कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में बताया कि सीआईए-1 के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर जसवंत सिंह की देखरेख में हेड कांस्टेबल सतबीर सिंह की टीम गांव हरसौला बस अड्डे के पास गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि हजवाना गांव का रहने वाला सुरेंद्र उर्फ गोलू अवैध हथियार के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से सिसमौर से पाई नहर पुल के पास खड़ा है। पुलिस ने बिना देरी किए घेराबंदी की और संदिग्ध सुरेंद्र को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से 315 बोर का एक अवैध पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
निशानदेही के वक्त पुलिस को दिया चकमा
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने सुरेंद्र से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कबूला कि यह हथियार उसे एक सप्लायर ने हाईवे-152डी पर पाई से बरसाना रोड के बीच सप्लाई किया था। इसी बात की तस्दीक और सही जगह की निशानदेही के लिए जब सीआईए की टीम उसे हाईवे पर लेकर पहुंची, तो मौका पाकर सुरेंद्र ने पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और पुल की रेलिंग से नीचे कूद गया। उसे अंदाजा नहीं था कि पुल की ऊंचाई इतनी ज्यादा है। अस्पताल में डॉक्टरों ने एक्सरे के बाद उसके पैर में गंभीर फ्रैक्चर की पुष्टि की है, जिसके बाद उसे वार्ड में एडमिट कर कड़ा पहरा लगा दिया गया है।
पूंडरी वाइन शॉप फायरिंग का खुला राज, दूसरा साथी भी चढ़ा हत्थे
डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि इस मामले की कड़ियां जोड़ने के दौरान सीआईए की एक दूसरी टीम (जिसकी अगुवाई हेड कांस्टेबल पवन कुमार कर रहे थे) को भी बड़ी कामयाबी मिली। पुलिस ने बरसाना रोड अनाज मंडी के पास से एक और संदिग्ध संदीप उर्फ दीपू (निवासी हाबड़ी) को जाम्बा-कैथल-करनाल रोड पर घेराबंदी कर दबोच लिया। संदीप के पास से भी 315 बोर का कट्टा बरामद हुआ है।
पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में एक बड़ा खुलासा यह हुआ कि अस्पताल में भर्ती सुरेंद्र और पकड़ा गया संदीप आपस में गहरे दोस्त हैं। इन दोनों ने ही कुछ दिनों पहले पूंडरी क्षेत्र में स्थित एक शराब के ठेके पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में दहशत फैलाई थी। पुलिस अब इन दोनों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनके गिरोह में और कौन से लोग शामिल हैं और इन्हें हथियारों की सप्लाई कहां से हो रही थी।
यह भी पढ़ें–कैथल में भाकियू चढूनी ग्रुप का प्रदर्शन
