Sonipat factory fire: सोनीपत के कुंडली में इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री खाक, आसमान में कई किलोमीटर दूर तक दिखा धुएं का गुबार
सोनीपत में करोड़ों का सामान जलकर राख, मजदूर सुरक्षित
Sonipat factory fire: हरियाणा के सोनीपत से सटे कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक नामी इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बनाने वाली फैक्ट्री के भीतर से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं।
कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी शाख को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आसमान में उठता काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से ही साफ नजर आ रहा था। इस घटना के बाद आसपास की फैक्ट्रियों में काम करने वाले लोगों और मजदूरों के बीच हड़कंप मच गया और वे अपनी जान बचाने के लिए खुले मैदान की तरफ भागे।
ज्वलनशील मटीरियल ने घी का काम किया, दिल्ली-सोनीपत से बुलानी पड़ी गाड़ियां
औद्योगिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस फैक्ट्री में घरेलू उपयोग के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मिक्सर ग्राइंडर, किचन चिमनी और गैस के चूल्हे तैयार किए जाते थे।
इन सामानों की पैकिंग के लिए वहां भारी मात्रा में गत्ते, प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्रियां रखी हुई थीं, जिन्होंने आग में घी का काम किया और लपटें तेजी से फैलती चली गईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय दमकल केंद्र के अलावा सोनीपत मुख्य शहर, दिल्ली और पड़ोसी जिलों से दमकल विभाग की दर्जनभर से ज्यादा गाड़ियों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया।
टीन शेड बना बड़ी मुसीबत, आग बुझाने में दमकल कर्मियों के छूटे पसीने
आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को जमीन से लेकर आसमान तक मोर्चा संभालना पड़ा, लेकिन फैक्ट्री की बनावट उनके काम में सबसे बड़ी रुकावट बन गई।
दरअसल, फैक्ट्री की छत और ऊपरी हिस्सों को ढकने के लिए मजबूत टीन शेड का इस्तेमाल किया गया था। इस टीन शेड की वजह से दमकल की गाड़ियों से फेंका जा रहा पानी सीधे आग के मुख्य स्रोतों तक नहीं पहुंच पा रहा था। नतीजा यह हुआ कि शेड के नीचे कई हिस्सों में आग लगातार सुलगती रही, जिसे पूरी तरह शांत करने के लिए कटर और अन्य औजारों की मदद लेनी पड़ी।
समय रहते बाहर निकले मजदूर, करोड़ों के नुकसान का अंदेशा
इस पूरे हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि जैसे ही फैक्ट्री के एक हिस्से में आग भड़की, वहां काम कर रहे तमाम कर्मचारी और श्रमिक सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते इमारत से बाहर निकल आए। इस वजह से एक बड़ा और दर्दनाक हादसा होने से टल गया और किसी भी तरह की जनहानि की खबर नहीं है।
सब फायर ऑफिसर विनोद कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही हमारी टीमें मौके पर सक्रिय हो गई थीं। हालांकि, इस अग्निकांड में फैक्ट्री के भीतर रखी मशीनें और तैयार माल जलकर खाक हो गया है, जिससे प्रारंभिक तौर पर करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। फायर ब्रिगेड की टीम अब आग लगने के असली कारणों का पता लगाने में जुटी है।
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