Haryana News: हरियाणा में नदियों का रौद्र रूप, कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी उफान पर, इन 6 जिलों में अलर्ट
पंचकूला में घग्गर और कौशल्या नदी के बढ़ते जलस्तर से अलर्ट, पूरे जिले में धारा-163 लागू
Haryana News: हरियाणा में भले ही स्थानीय स्तर पर मानसून की सक्रियता में थोड़ी कमी आई हो, लेकिन हिमाचल और ऊपरी पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश ने राज्य की नदियोंमें उफान ला दिया है।
यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज पर पानी की आवक तेजी से बढ़ी है और यह 50 हजार क्यूसेक के स्तर को पार कर चुकी है। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रहे इस पानी की वजह से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए आज पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मारकंडा नदी ने बदला मिजाज, कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में डूबीं सड़कें और खेत
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद क्षेत्र में मारकंडा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। शनिवार सुबह नदी में 14,294 क्यूसेक पानी पहुंचने के बाद कठवा, कलसाना, तंगोर और मोहनपुर जैसे कई गांवों में पानी घुस गया। सबसे ज्यादा नुकसान कठवा गांव में देखा गया, जहां मुख्य सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई और गाड़ियों की आवाजाही ठप हो गई।
हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बच्चों को ले जा रही एक स्कूल बस के पूरे टायर पानी में समा गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि सुबह 9 बजे के बाद जलस्तर घटकर 11,711 क्यूसेक पर आ गया, लेकिन खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
पंचकूला में घग्गर-कौशल्या का जलस्तर बढ़ा, 28 अगस्त तक धारा-163 लागू
दूसरी तरफ, पंचकूला जिले में भी घग्गर, कौशल्या और टांगरी नदियां खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं। पहाड़ों से आ रहे भारी मलबे और पानी के बहाव को देखते हुए पंचकूला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
जान-माल के नुकसान की आशंका को देखते हुए डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने पूरे जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत 28 अगस्त 2026 तक किसी भी व्यक्ति के नदी-नालों के नजदीक जाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। प्रशासन ने साफ किया है कि यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सीधे केस दर्ज किया जाएगा।
उमस और गर्मी से छूटेगा पसीना, सिरसा में पारा 38 डिग्री के पार
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, सूबे में मानसूनी हवाओं का रुख बदलने से अब वातावरण में नमी की मात्रा कम होने लगेगी। इसके चलते आने वाले दिनों में दिन के अधिकतम तापमान में थोड़ी और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे लोगों को तीखी उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
पिछले 24 घंटों में ही राज्य का औसत पारा 2.4 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ा है। बीते दिन प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान सिरसा में 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज पर रात का पारा सबसे कम 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जिससे रातें फिलहाल सामान्य बनी हुई हैं।
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