History of Nachos Snack: मजबूरी में बनी ये डिश आज है दुनिया का सबसे पॉपुलर स्नैक, जानें कैसे पड़ा ‘नाचोज’ का नाम
मजबूरी में बनी ये डिश आज है दुनिया का सबसे पॉपुलर स्नैक
History of Nachos Snack: मूवी देखते समय या दोस्तों के साथ कैफे में गपशप लड़ाते हुए नाचोज चबाना आज के युवाओं का ट्रेंड बन चुका है. चीज और अलग-अलग सॉस की डिप के साथ मिलने वाले नाचोज की लोकप्रियता दिन-दूनी रात-चौगुनी बढ़ रही है. अमूमन हर किसी ने इसका स्वाद चखा होगा, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इस ग्लोबल स्नैक का नाम ‘नाचोज’ पड़ने के पीछे की कहानी बेहद फिल्मी है. इस राज से पर्दा उठाने के लिए हमें इतिहास के पन्नों को पलटते हुए करीब 83 साल पीछे, साल 1943 के मेक्सिको चलना होगा.
जब अमेरिकी महिलाओं की भूख ने बदला स्वाद का इतिहास
यह किस्सा मेक्सिको के ‘पीएद्रास नेग्रास’ इलाके में स्थित ‘विक्ट्री क्लब’ नाम के एक छोटे से रेस्टोरेंट का है. वहां इग्नासियो अनाया बतौर हेड शेफ काम संभालते थे. एक रात अमेरिका के टेक्सास से लगती सीमा को पार कर कुछ अमेरिकी आर्मी अफसरों की पत्नियां इस रेस्टोरेंट में पहुंचीं. उस वक्त काफी देर हो चुकी थी और रेस्टोरेंट का मुख्य किचन पूरी तरह बंद हो चुका था. स्टाफ घर जाने की तैयारी में था, लेकिन इग्नासियो को अपने रेस्टोरेंट से ग्राहकों का खाली पेट और मायूस होकर लौटना गंवारा नहीं था.
टॉर्टिला चिप्स, चीज और मिर्च का वो जादुई त्रिकोण
शेफ इग्नासियो ने खुद मोर्चा संभाला और बंद हो चुके किचन में घुसे. वहां कुछ खास सामान बचा नहीं था, इसलिए उन्होंने काउंटर पर रखी बची-खुची चीजों से ही कुछ नया बनाने की ठानी. उन्होंने टॉर्टिला (एक प्रकार की मेक्सिकन रोटी) को फटाफट त्रिकोणीय आकार में काटा और तेल में डीप फ्राई कर दिया. इसके बाद उन्होंने इन क्रिस्पी चिप्स के ऊपर कद्दूकस किया हुआ चीज फैलाया और तीखेपन के लिए अचार वाली जलापेनो मिर्च के टुकड़े सजा दिए. इस पूरे प्लेट को उन्होंने कुछ सेकंड ओवन में गर्म किया ताकि चीज पिघल जाए और फिर इसे उन महिलाओं के सामने परोस दिया.
शेफ के निकनेम ‘नाचो’ से पड़ा इस डिश का नाम
भूख से बेहाल अमेरिकी महिलाओं को बची-खुची चीजों से बना यह क्रिस्पी स्नैक इतना लाजवाब लगा कि उन्होंने मिनटों में पूरी प्लेट साफ कर दी. स्वाद से गदगद होकर उन्होंने उत्सुकता से शेफ से पूछा, “इस बेहतरीन डिश का नाम क्या है?” अब शेफ इग्नासियो ने तो यह डिश बस हड़बड़ी में जुगाड़ से बनाई थी, इसका कोई नाम पहले से तय नहीं था. महिलाओं को दोबारा पूछते देख इग्नासियो के मुंह से तपाक से निकला– ‘नाचोज स्पेशल’. दरअसल, इग्नासियो अनाया को घर और दोस्तों में प्यार से ‘नाचो’ कहकर पुकारा जाता था. उन्होंने अपनी इस जादुई डिश को अपना ही नाम दे दिया.
आगे चलकर इन महिलाओं के जरिए यह डिश टेक्सास और फिर पूरे अमेरिका समेत दुनिया भर में फैल गई. आज स्वाद के बाजार में नाचोज की सैकड़ों किस्में मौजूद हैं, लेकिन यह इस बात की भी गवाही देता है कि किस्मत कब और कैसे बदलती है, कोई नहीं जानता. उस रात शेफ अनाया ने सिर्फ अपने ग्राहकों को संतुष्ट करने के लिए हाथ-पैर मारे थे, उन्हें अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि उनका निकनेम एक दिन वैश्विक स्तर पर स्वाद का नया मुहावरा बन जाएगा.
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