Office Essentials: मानसून में ऑफिस जाने वाले ध्यान दें: बैग में छाते के साथ जरूर रखें ये 5 चीजें, गैजेट्स और सेहत रहेंगी सेफ
मानसून में दफ्तर का सफर बनाने के लिए बैग में रखें ये जरूरी चीजें
Office Essentials: आसमान में काले बादलों का डेरा और ठंडी हवाओं के झोंके भले ही चिलचिलाती गर्मी से राहत देते हों, लेकिन सुबह-सुबह दफ्तर के लिए निकलने वाले कामकाजी लोगों के लिए यह मौसम किसी परीक्षा से कम नहीं होता। अचानक शुरू हुई मूसलाधार बारिश, घुटनों तक भरा पानी और किलोमीटर लंबा रेंगता हुआ ट्रैफिक पल भर में पूरे दिन का शेड्यूल बिगाड़ देता है। ऐसे में अमूमन लोग सिर्फ एक छाता थामकर घर से निकल पड़ते हैं, जो कि इस मौसम की चुनौतियों के आगे नाकाफी साबित होता है।
लगातार भीगने से सेहत खराब होने और बैग में रखे कीमती गैजेट्स के डैमेज होने का खतरा हमेशा बना रहता है। ‘जरूरत की खबर’ की इस विशेष कड़ी में आज हम बात कर रहे हैं दिल्ली के ‘श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट’ के इंटरनल मेडिसिन डायरेक्टर डॉ. अरविंद अग्रवाल से, और जान रहे हैं कि इस मानसून में आपके ऑफिस बैग का ‘फर्स्ट-एड’ और ‘गैजेट-कवच’ क्या होना चाहिए।
छाता बनाम रेनकोट: आपके सफर का साथी कौन?
अक्सर लोग इस कशमकश में रहते हैं कि बैग में छाता रखें या रेनकोट। डॉ. अरविंद अग्रवाल के मुताबिक, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आप दफ्तर जाने के लिए किस साधन का इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर आप बाइक, स्कूटी से चलते हैं या आपको लंबा पैदल सफर तय करना पड़ता है, तो पोंचो या रेनकोट आपके लिए सबसे मुफीद है। तेज हवाओं में छाता अक्सर उलट जाता है और आपके शरीर को पूरी तरह कवर नहीं कर पाता, जबकि रेनकोट आपको सिर से पैर तक सूखा रखता है। वहीं, अगर आप मेट्रो या कैब से सफर करते हैं और सिर्फ स्टेशन तक ही थोड़ा पैदल चलना है, तो एक छोटा फोल्डेबल छाता सबसे बेहतर है जो बैग में कम जगह घेरता है। इसके साथ ही, अपने पूरे बैग को सुरक्षित रखने के लिए एक वाटरप्रूफ बैग कवर बेहद जरूरी है ताकि भीतरी सतह तक नमी न पहुंच सके।
गैजेट्स की एक्स्ट्रा केयर: भूलकर भी न करें ये गलतियां
आज के दौर में ऑफिस जाने का मतलब है- साथ में लैपटॉप, स्मार्टफोन, चार्जर और कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स का होना। जरा सी लापरवाही आपके हजारों-लाखों के इन गैजेट्स को कबाड़ बना सकती है। डॉ. अग्रवाल सलाह देते हैं कि मोबाइल को हमेशा एक पारदर्शी वाटरप्रूफ जिपलॉक पाउच में रखें।
एक्सपर्ट टिप: यदि आपका लैपटॉप या मोबाइल गलती से बारिश के पानी में भीग जाता है, तो सबसे पहले उसे तुरंत स्विच ऑफ कर दें। उसके चार्जर या अन्य एक्सेसरीज को फौरन हटा लें। जब तक डिवाइस पूरी तरह अंदर और बाहर से सूख न जाए, उसे ऑन करने या चार्जिंग पर लगाने की गलती भूलकर भी न करें। गीले फोन को चार्ज करने से शॉर्ट-सर्किट या बैटरी ब्लास्ट का खतरा रहता है। अगर पानी ज्यादा चला गया हो, तो खुद मैकेनिक बनने के बजाय सीधे सर्विस सेंटर का रुख करें।
मोजे बदलें, इन्फेक्शन से बचें; बैग में रखें ये जरूरी दवाएं
मानसून में केवल ऊपर से सूखा रहना ही काफी नहीं है। डॉ. अग्रवाल के अनुसार, अक्सर लोग भीगने के बाद दफ्तर पहुंचकर दिनभर गीले मोजे और जूते पहने रहते हैं। लंबे समय तक पैरों में रहने वाली यह नमी फंगल इन्फेक्शन (जैसे एथलीट फुट) और त्वचा की अन्य गंभीर बीमारियों को न्यौता देती है। इसलिए अपने बैग में हमेशा एक जोड़ी अतिरिक्त सूखे मोजे और एंटी-फंगल पाउडर जरूर रखें। इसके अलावा, एक माइक्रोफाइबर तौलिया साथ रखें, जो बहुत तेजी से पानी सोखता है और जल्दी सूख भी जाता है। इससे आप भीगने पर अपने बाल, चेहरा या लैपटॉप की स्क्रीन साफ कर सकते हैं।
चूंकि इस मौसम में हवा में नमी के कारण बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, इसलिए सार्वजनिक जगहों के इस्तेमाल के बाद हाथों को सैनिटाइज करने के लिए वेट वाइप्स और सैनिटाइजर का प्रयोग करें। साथ ही, अचानक होने वाले बदन दर्द, हल्के बुखार, सर्दी-खांसी या पेट खराब होने की स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टर की सलाह पर कुछ बुनियादी फर्स्ट-एड दवाइयां (जैसे पैरासिटामोल, एंटी-एलर्जिक और ओआरएस के पाउच) अपने बैग के एक छोटे कंपार्टमेंट में हमेशा तैयार रखें।
ट्रैफिक जाम की आफत और बैटरी का संकट
भारी बारिश के दौरान दिल्ली-एनसीआर समेत देश के बड़े महानगरों में घंटों जाम में फंसे रहना बेहद आम बात है। लगातार नेटवर्क सर्च करने की वजह से फोन की बैटरी तेजी से खत्म होती है और बिजली गुल होने पर चार्जिंग का विकल्प भी नहीं बचता। ऐसी आपातकालीन स्थिति के लिए एक फुली-चार्ज पावर बैंक आपके बैग में होना ही चाहिए। इसके अलावा, लंबे जाम में भूख या कमजोरी से बचने के लिए बैग में कुछ ऐसे स्नैक्स रखें जो जल्दी खराब न हों और आपको तुरंत एनर्जी दें। भुने हुए चने, मखाने, मूंगफली या ड्राई फ्रूट्स इसके सबसे बेहतरीन और हेल्दी विकल्प हैं, जो आपकी सेहत और सफर दोनों को आसान बना देंगे।
