Ambala Ring Road: अंबाला शहर को जाम से मिलेगी परमानेंट मुक्ति, 90% पूरा हुआ 691 करोड़ का रिंग रोड प्रोजेक्ट
17 जुलाई को पीएम मोदी देंगे हरियाणा को ₹1183 करोड़ की सौगात, जींद से होगा नए फोरलेन का उद्घाटन
Ambala Ring Road: अंबाला शहर में दिनभर रेंगते ट्रैफिक और बाहरी राज्यों के ट्रकों के दबाव से परेशान स्थानीय जनता और मुसाफिरों के लिए बड़ी खुशखबरी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की देखरेख में बन रहे अंबाला रिंग रोड का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच गय है। परियोजना का करीब 90 प्रतिशत काम धरातल पर पूरा किया जा चुका है।
इस रिंग रोड के पूरी तरह एक्टिव होते ही पंजाब, हिमाचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तरफ आने-जाने वाले कमर्शियल और भारी वाहनों को अंबाला शहर के व्यस्त चौराहों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे न केवल शहर का दम घुटने से बचेगा, बल्कि चालकों का सफर भी तेज और सुरक्षित हो जाएगा।
30 गांवों की जमीन पर बना 40 किलोमीटर लंबा फोरलेन
तकरीबन 691 करोड़ रुपये के बजट से तैयार हो रहा यह फोरलेन रिंग रोड करीब 40 किलोमीटर लंबा है। एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक, भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए इसकी जमीन का अधिग्रहण 6 लेन की चौड़ाई के हिसाब से किया गया है, ताकि आने वाले समय में इसके चौड़ीकरण में कोई अड़चन न आए।
इस पूरे कॉरिडोर को अमलीजामा पहनाने के लिए कुल 30 गांवों की 657 एकड़ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसमें दिलचस्प बात यह है कि पंजाब के भी तीन सीमावर्ती गांव शामिल हैं। इसके आसपास हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) नए रिहाइशी सेक्टर भी प्लान कर रहा है, जिससे अंबाला के रियल एस्टेट और शहरी विस्तार को नई रफ्तार मिलेगी।
मिट्टी की किल्लत दूर, अंतिम चरण में निर्माण
इस प्रोजेक्ट की नींव अक्टूबर 2023 में रखी गई थी और निर्माण एजेंसी को इसे सितंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने का टारगेट दिया गया है। बीच में निर्माण के दौरान मिट्टी की भारी किल्लत के चलते प्रोजेक्ट की रफ्तार थोड़ी सुस्त जरूर हुई थी, लेकिन प्रशासनिक दखल के बाद यह समस्या सुलझा ली गई।
रिंग रोड के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए टांगरी नदी पर दो बड़े और दो छोटे पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही रूट पर यातायात को बिना बाधा के चलाने के लिए दो रेलवे ओवरब्रिज (ROB), तीन बड़े फ्लाईओवर और दर्जनों कनेक्टिविटी पॉइंट दिए गए हैं।
बाईपास से जुड़ेंगे पांच प्रमुख नेशनल हाईवे
इस रिंग रोड की सबसे बड़ी खासियत इसका रणनीतिक रूट मैप है, जो इलाके के 5 बड़े राष्ट्रीय राजमार्गों को आपस में लिंक कर देगा। अब यमुनानगर-जगाधरी की तरफ से आने वाली गाड़ियां बिना शहर के भीड़भाड़ वाले रास्तों पर फंसे सीधे सद्दोपुर बॉर्डर निकल जाएंगी।
इसी तरह, अमृतसर और जीटी रोड पर जाने वाले या हिसार की तरफ मुड़ने वाले वाहन भी शहर के बाहर-बाहर से अपने गंतव्य को जा सकेंगे। इस पूरे चक्र को अंबाला-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजना से भी इंटीग्रेट किया गया है, जो वेस्ट यूपी के संपर्क को बेहद मजबूत बनाएगा।
हिमाचल के कालाआंब इंडस्ट्रियल एरिया को सीधा फायदा
इस नए बाईपास के चालू होने से पंजाब और हरियाणा से हिमाचल प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक हब ‘कालाआंब’ तक माल ले जाने वाले ट्रकों को सीधे तौर पर फायदा होगा। शहर के भीतर नो-एंट्री और जाम में जो समय और डीजल बर्बाद होता था, उसकी अब शत-प्रतिशत बचत होगी जिससे लॉजिस्टिक्स की लागत घटेगी।
इसका सीधा फायदा व्यापारियों और ट्रांसपोर्टर्स को मिलेगा। वहीं, वीकेंड पर दिल्ली-एनसीआर से शिमला या मनाली की तरफ रुख करने वाले पर्यटकों को भी अब अंबाला में बिना वक्त गंवाए एक सुगम सफर का अहसास होगा।
17 जुलाई को पीएम मोदी सौंपेंगे एक और हाईवे की चाबी
अंबाला रिंग रोड के साथ-साथ हरियाणा के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को एक और बड़ा बूस्ट मिलने जा रहा है। आगामी 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद से हाइब्रिड एन्यूटी मोड पर तैयार 33.815 किलोमीटर लंबे एक अन्य आलीशान फोरलेन राजमार्ग का विधिवत उद्घाटन करेंगे।
₹1183.70 करोड़ की लागत से पंजाब और हरियाणा की सीमाओं को जोड़ने वाले इस नए हाईवे में 29 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड, 3 बड़े पुल, 4 छोटे पुल और 7 व्हीकुलर अंडरपास बनाए गए हैं, जो दोनों राज्यों के बीच व्यापार की नई इबारत लिखेगा।
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