Chandigarh News: कैब चालकों की मांग पर प्रशासन सख्त, एक और एग्रीगेटर पर लटकी कार्रवाई की तलवार
कैब चालकों की मांग पर प्रशासन सख्त
Chandigarh News: एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ चंडीगढ़ में पिछले 60 दिनों से आंदोलन कर रहे कैब चालकों को गुरुवार को बड़ी राहत मिलने के संकेत मिले। चंडीगढ़ ट्राइसिटी कैब ड्राइवर्स यूनियन और जय दुर्गा ऑटो रिक्शा वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल की स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) के सचिव दीपप्रावा लाकड़ा के साथ हुई बैठक में प्रशासन ने संकेत दिया कि ओला के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाली एक अन्य एग्रीगेटर कंपनी का लाइसेंस भी जल्द निलंबित किया जा सकता है।
सेक्टर-25 स्थित रैली ग्राउंड में यूनियन का धरना गुरुवार को लगातार 60वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी चालकों का आरोप है कि ओला, उबर, इनड्राइव, रैपिडो सहित कई एग्रीगेटर कंपनियां केंद्र और चंडीगढ़ प्रशासन की अधिसूचनाओं तथा निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रही हैं, जिससे व्यावसायिक चालकों की आजीविका प्रभावित हो रही है। बैठक के दौरान यूनियन ने नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ लंबित मामलों में शीघ्र कार्रवाई और उनके लाइसेंस निलंबित करने की मांग उठाई। एसटीए की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने पीजीआई से सेक्टर-25 रैली ग्राउंड को जोड़ने वाला मार्ग खोल दिया, जिसे आंदोलन के चलते अस्थायी रूप से बंद किया गया था।
हालांकि, धरने के कारण दिन में रैली ग्राउंड की अंदरूनी सड़क कुछ समय के लिए बंद रहने से यातायात प्रभावित हुआ। इसका सबसे अधिक असर स्कूलों से बच्चों को लेने पहुंचे अभिभावकों और विद्यार्थियों पर पड़ा, जिन्हें वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ा। बैठक में एसटीए सचिव ने यूनियन को यह भी आश्वासन दिया कि पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के साथ उनकी बैठक कराने का प्रयास किया जाएगा।
यूनियन अध्यक्ष अमनदीप सिंह ने कहा कि प्रशासन की ओर से एक और एग्रीगेटर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई का संकेत सकारात्मक है। उन्होंने कहा कि यदि कंपनियां नियमों का पालन नहीं करती हैं तो उनके लाइसेंस भी तत्काल निलंबित किए जाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने तय समय में कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यूनियन का दावा है कि उनके आंदोलन को ट्राइसिटी के कई टैक्सी, ऑटो और ड्राइवर संगठनों का समर्थन मिल रहा है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
