Chandigarh News: चंडीगढ़ में हंगामा करने वाले दो युवकों की बदली ड्यूटी, अब ट्रैफिक पुलिस लाइन के अंदर करेंगे जागरूकता अभियान
चंडीगढ़ में हंगामा करने वाले दो युवकों की बदली ड्यूटी
Chandigarh News: चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित मटका चौक पर ट्रैफिक पुलिस के साथ लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए तैनात किए गए दो युवकों गौरव अरोड़ा और लवजोत सिंह की ड्यूटी दूसरे ही दिन बदल दी गई। बुधवार को दोनों शहर के व्यस्त चौराहे पर हाथों में ट्रैफिक जागरूकता संबंधी संदेश लिखे बोर्ड लेकर वाहन चालकों को नियमों का पालन करने की अपील कर रहे थे, लेकिन गुरुवार को उन्हें सेक्टर-29 स्थित ट्रैफिक पुलिस लाइन के अंदर भेज दिया गया। सूत्रों के मुताबिक पहले दिन दोनों युवकों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया तथा विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से साझा किए गए। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उनकी ड्यूटी खुले चौराहे से हटाकर ट्रैफिक पुलिस लाइन के भीतर उस शाखा में लगा दी गई, जहां चालानों से संबंधित कार्य होता है।
चार दिन तक चलना है जागरूकता अभियान
पुलिस के निर्देश के अनुसार दोनों युवकों को लगातार चार दिनों तक प्रतिदिन दो घंटे ट्रैफिक पुलिस के साथ रहकर लोगों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। अभियान के पहले दिन उन्होंने सेक्टर-17 के मटका चौक पर वाहन चालकों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की थी। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी भी उनके साथ मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे।
एलांते मॉल के पास लगनी थी ड्यूटी, अंतिम समय में बदला स्थान
सूत्रों के अनुसार गुरुवार सुबह दोनों युवकों की ड्यूटी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एलांते मॉल के पास लगाई जानी थी। इसकी जानकारी मिलने के बाद कुछ मीडियाकर्मी भी वहां पहुंच गए थे। हालांकि अंतिम समय में कार्यक्रम में बदलाव कर दिया गया और दोनों को सेक्टर-29 स्थित ट्रैफिक पुलिस लाइन के अंदर भेज दिया गया। इसके चलते एलांते मॉल के पास कोई गतिविधि देखने को नहीं मिली। बाद में जानकारी मिली कि दोनों को पुलिस लाइन परिसर के भीतर तैनात किया गया है।
ट्रैफिक पुलिस लाइन के अंदर ड्यूटी पर उठे सवाल
ड्यूटी स्थल बदलने के बाद इस फैसले को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। चंडीगढ़ में अधिकांश ट्रैफिक चालान अब ऑनलाइन जारी किए जाते हैं और उनका भुगतान भी ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस लाइन में आम लोगों की आवाजाही सीमित रहती है। इसी वजह से यह सवाल उठ रहा है कि जिन युवकों को सार्वजनिक स्थान पर लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए लगाया गया था, उन्हें ऐसी जगह क्यों भेजा गया जहां आम नागरिकों की मौजूदगी काफी कम रहती है।
पहले दिन सोशल मीडिया पर रहा था अभियान चर्चा में
बुधवार को सेक्टर-17 के मटका चौक पर दोनों युवक हाथों में ट्रैफिक सुरक्षा से जुड़े संदेश लिखे बोर्ड लेकर खड़े रहे। वे वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों से सुरक्षित ड्राइविंग, हेलमेट पहनने और सीट बेल्ट लगाने की अपील कर रहे थे। करीब दो घंटे तक चले इस अभियान की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। इसके बाद अगले ही दिन उनकी ड्यूटी का स्थान बदल दिया गया।
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