मनजीत कौर मर्डर केस में सहेली से पूछताछ, पिंदा के सामने बैठाया; रिंकू अब भी फरार, घटना के वक्त सेक्टर-34 में नहीं थी नेहा
मनजीत कौर मर्डर केस में सहेली से पूछताछ
Punjabi Influencer Murder Case: मनजीत कौर की मौत से पहले PGI चंडीगढ़ में बनाया गया एक वीडियो जांच का अहम हिस्सा बना है। इस वीडियो में मनजीत ने अपनी सहेली नेहा का नाम लिया था। इसके बाद सेक्टर-34 थाना पुलिस ने रविवार को नेहा को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस ने करीब दो घंटे तक उससे घटना वाले दिन की गतिविधियों और मनजीत से उसके संपर्क को लेकर सवाल किए। इसके बाद नेहा को गिरफ्तार परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा के सामने बैठाकर भी पूछताछ की गई। पुलिस ने नेहा के मोबाइल की लोकेशन भी खंगाली। जांच में घटना के समय उसके सेक्टर-34 में होने की पुष्टि नहीं हुई। फिलहाल पुलिस जांच में नेहा की इस वारदात में कोई भूमिका सामने नहीं आई है।
पूछताछ के दौरान पिंदा ने नेहा की मौजूदगी से इनकार किया। उसके मुताबिक, जब मनजीत कौर को सेक्टर-34 से ले जाया गया, तब वहां वह खुद, रिंकू और शिभू मौजूद थे। पिंदा ने पुलिस को बताया कि रिंकू उसका दोस्त है। पुलिस के मुताबिक, रिंकू का मोबाइल फिलहाल स्विच ऑफ आ रहा है। पिंदा से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने पंजाब और मोहाली में उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन अभी तक उसका पता नहीं चला है। पुलिस रिंकू और शिभू की तलाश के साथ पिंदा के बयानों को कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, CCTV फुटेज और दूसरे तकनीकी सबूतों से मिलाकर देख रही है।
रिंकू और मनजीत के बीच फोन पर हुआ था विवाद
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मनजीत कौर को सेक्टर-34 से ले जाने से पहले रिंकू और उसके बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान दोनों के बीच विवाद और गाली-गलौच होने की बात सामने आई है। इसके बाद रिंकू और उसके साथी सेक्टर-34 पहुंचे। पुलिस के अनुसार, वहां भी मनजीत के साथ विवाद हुआ और उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि सेक्टर-34 से कुछ दूरी पर मनजीत को आग लगाए जाने का आरोप है। हालांकि, घटना की पूरी कड़ी को लेकर पुलिस अभी तकनीकी और अन्य सबूत जुटा रही है। इसलिए पूछताछ में सामने आए बयानों को जांच का हिस्सा माना जा रहा है।
परिवार के मुताबिक, 3 जुलाई की रात मनजीत को उसके परिचितों ने चंडीगढ़ के सेक्टर-34 बुलाया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। परिवार को बाद में उसके गंभीर रूप से झुलसी हालत में अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली। मनजीत की मां कांता देवी ने आरोप लगाया था कि बेटी को कार से सेक्टर-34 से ले जाया गया और बाद में मोरिंडा के पास एक सुनसान जगह पर उसके साथ मारपीट की गई। मां के अनुसार, मनजीत को पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई थी। परिवार के मुताबिक, मौके पर पहुंची मनजीत की एक दोस्त ने आग बुझाई और उसे अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने के बाद मनजीत को PGI चंडीगढ़ रेफर किया गया।
इलाज के दौरान मनजीत ने बयान देने की इच्छा जताई थी
मनजीत की मां के अनुसार, 5 अगस्त को इलाज के दौरान उनकी बेटी ने होश में आना शुरू किया था। परिवार का कहना था कि वह घटना के बारे में बताना चाहती थी और अपना बयान देने की स्थिति में थी। कांता देवी ने दावा किया था कि उन्होंने खरड़ पुलिस को इसकी जानकारी दी थी। परिवार ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद मनजीत का बयान दर्ज नहीं किया गया। मनजीत की 26 अगस्त को PGI चंडीगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने मामले की जांच तेज की और हत्या का केस दर्ज किया।
चंडीगढ़ पुलिस ने 10 सितंबर को कपूरथला निवासी परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा को सेक्टर-48 की मोटर मार्केट से गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, पिंदा मुख्य आरोपी रिंकू का सहयोगी है। पहले उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। इसके बाद दोबारा तीन दिन के रिमांड पर पूछताछ की गई। रिमांड के दौरान पुलिस ने 3 और 4 जुलाई की रात की घटनाओं, मनजीत के साथ उसकी गतिविधियों और रिंकू से संपर्क को लेकर सवाल किए। पुलिस के मुताबिक, पिंदा की निशानदेही और पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर रिंकू और शिभू की तलाश की जा रही है। रिमांड खत्म होने के बाद बुधवार को पिंदा को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में बुडैल जेल भेज दिया गया।
मोरिंडा से सेक्टर-34 तक जांच का एंगल
जांच की शुरुआत में मनजीत को सेक्टर-34 से अगवा कर मोरिंडा ले जाने और वहां उसे जलाए जाने का आरोप सामने आया था। अब पिंदा से पूछताछ के बाद पुलिस का फोकस सेक्टर-34 और उसके आसपास के इलाकों पर भी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मनजीत को आखिर किस गाड़ी में ले जाया गया था और उसके बाद वह कहां गई। शुरुआती जांच में जिस फॉर्च्यूनर पर संदेह जताया गया था, मौजूदा जांच में पुलिस उसे घटना में इस्तेमाल वाहन नहीं मान रही है। अब सफेद रंग की स्विफ्ट कार की तलाश की जा रही है। पुलिस उसके मूवमेंट और 3 जुलाई की रात की लोकेशन की भी जांच कर रही है।
मनजीत की मां ने शुरुआत से ही रिंकू और परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा पर शक जताया था। इसके बाद पुलिस ने 3 जुलाई की रात से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन की जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, तकनीकी जांच में पिंदा की मौजूदगी को लेकर सुराग मिले। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई। अब पुलिस पिंदा के बयानों को दूसरे डिजिटल और भौतिक सबूतों से मिलाकर देख रही है। जांच में CCTV फुटेज भी खंगाले गए हैं, लेकिन पुलिस के मुताबिक घटना से जुड़े कुछ अहम फुटेज उस समय तक ओवरराइट हो चुके थे। ऐसे में मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और वाहन की पहचान जांच में अहम कड़ियां बनी हुई हैं।
कौन थीं मनजीत कौर?
मनजीत कौर 28 वर्षीय पंजाबी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट थीं। वह मेकअप, लाइफस्टाइल, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स और पंजाबी-हरियाणवी गानों से जुड़े वीडियो और रील्स सोशल मीडिया पर शेयर करती थीं। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 1.46 लाख फॉलोअर्स बताए गए हैं। यूट्यूब पर भी उनके करीब 4 हजार सब्सक्राइबर थे। पुलिस से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, मनजीत मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली थीं और बाद में खरड़ में किराए के मकान में रह रही थीं। उनकी सोशल मीडिया गतिविधियां और काम भी इसी क्षेत्र से जुड़े थे।
फिलहाल पुलिस के सामने मुख्य आरोपी रिंकू को पकड़ना, सफेद स्विफ्ट कार का पता लगाना और 3 जुलाई की रात की घटनाओं का पूरा क्रम स्थापित करना प्रमुख जांच बिंदु हैं। नेहा की लोकेशन की जांच के बाद फिलहाल उसकी भूमिका सामने नहीं आई है। पुलिस पिंदा के बयानों को अकेले आधार नहीं मान रही, बल्कि उन्हें मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, CCTV और अन्य तकनीकी सबूतों से मिलाकर घटना की कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।
