Fridge Care Tips in Monsoon: सावधान! बारिश के मौसम में फ्रिज खराब होने का रहता है सबसे ज्यादा खतरा, अपनाएं ये 5 जरूरी टिप्स
बारिश के मौसम में फ्रिज खराब होने का रहता है सबसे ज्यादा खतरा
Fridge Care Tips in Monsoon: झमाझम बारिश का मौसम भले ही सुहाना लगे, लेकिन यह अपने साथ हवा में भारी नमी लेकर आता है। यही नमी हमारी रसोई के सबसे अहम हिस्से यानी फ्रिज के लिए साइलेंट किलर साबित होती है। उमस भरे इस माहौल में फ्रिज के भीतर और बाहर फंगस व बैक्टीरिया पनपने की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। इसके अलावा, अगर तकनीकी पहलुओं पर ध्यान न दिया जाए, तो कूलिंग सिस्टम कमजोर होने लगता है और खाना समय से पहले सड़ने लगता है। अनुभवी मैकेनिकों और होम एप्लायंस विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान फ्रिज को थोड़ी अतिरिक्त केयर की जरूरत होती है।
बार-बार दरवाजा खोलने की आदत पर लगाएं लगाम
बारिश के दिनों में जब हम बार-बार फ्रिज का दरवाजा खोलते और बंद करते हैं, तो कमरे की अत्यधिक नम हवा तुरंत फ्रिज के भीतर चली जाती है। यह नम हवा अंदर जाते ही बर्फ की मोटी परत (आइस फ्रॉस्टिंग) में तब्दील हो जाती है। नतीजा यह होता है कि फ्रिज के अंदरूनी हिस्से का तापमान बिगड़ जाता है और कंप्रेसर को उस तापमान को दोबारा मेंटेन करने के लिए दोगुनी ताकत लगानी पड़ती है। इससे आपके घर का बिजली बिल अचानक तेजी से भागने लगता है।
डोर गैस्केट की अनदेखी पड़ेगी भारी, ऐसे करें जांच
फ्रिज के दरवाजे के चारों तरफ लगी रबर की पट्टी, जिसे तकनीकी भाषा में डोर गैस्केट कहा जाता है, इस मौसम में सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। नमी के कारण इस रबर पर काले रंग की फंगस (उल्ली) जमने लगती है, जिससे रबर ढीली हो जाती है या उसमें दरारें आ जाती हैं। अगर यह सील ठीक से काम नहीं करेगी, तो अंदर की ठंडी हवा लगातार बाहर निकलती रहेगी। हफ्ते में कम से कम एक बार गुनगुने पानी और बेकिंग सोडा के घोल से इस रबर को साफ करना बेहद जरूरी है।
फ्रिज को सूखा रखना और वेंटिलेशन है बेहद जरूरी
अक्सर देखा जाता है कि मानसून में फ्रिज की बाहरी बॉडी पर पानी की छोटी-छोटी बूंदें या ‘पसीना’ दिखाई देने लगता है। इसे कभी भी नजरअंदाज न करें और रोजाना सूखे सूती कपड़े से पोछें। अगर यह नमी फ्रिज के पिछले या निचले हिस्से में जमा रह गई, तो लोहे के पार्ट्स में जंग (Rusting) लग सकती है, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके साथ ही, फ्रिज को दीवार से सटाकर रखने की गलती बिल्कुल न करें; पीछे कम से कम छह इंच का गैप जरूर रखें ताकि कंडेंसर की गर्म हवा आसानी से बाहर निकल सके।
कंडेंसर कॉइल्स की सफाई और सही तापमान का गणित
सर्दियों और गर्मियों के मुकाबले मानसून में फ्रिज का तापमान थोड़ा बदलना पड़ता है। इस मौसम में रेफ्रिजरेटर सेक्शन को 3 से 5 डिग्री सेल्सियस और फ्रीजर को -18 डिग्री सेल्सियस पर सेट करना सबसे सही माना जाता है। इसके अलावा, फ्रिज के पीछे लगी कंडेंसर कॉइल्स पर धूल और नमी मिलकर एक जिद्दी परत बना लेते हैं, जिससे कूलिंग प्रभावित होती है। साल में दो बार या मानसून की शुरुआत में एक बार ब्रश या वैक्यूम क्लीनर से इन कॉइल्स की सफाई करने से फ्रिज की उम्र कई साल बढ़ जाती है।
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