July 10, 2026

Gurugram Balcony Collapse: गुरुग्राम की लग्जरी सोसाइटी में भरभराकर गिरी बालकनी, बाल-बाल बचीं जानें, सहमे लोग

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Gurugram Balcony Collapse: गुरुग्राम की लग्जरी सोसाइटी में भरभराकर गिरी बालकनी, बाल-बाल बचीं जानें, सहमे लोग

गुरुग्राम की लग्जरी सोसाइटी में भरभराकर गिरी बालकनी

Gurugram Balcony Collapse: साइबर सिटी गुरुग्राम के आलीशान रिहायशी इलाकों में बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा एक बार फिर बड़े सवालों के घेरे में है। ताजा मामला सेक्टर-37डी स्थित नामचीन सोसाइटी ‘इम्पीरिया एस्फेरा फेज-2’ का है, जहां गुरुवार सुबह टावर-ई की पहली मंजिल के एक फ्लैट की बालकनी का पूरा हिस्सा अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। सुबह के शांत माहौल में जब लेंटर और कंक्रीट का भारी-भरकम हिस्सा नीचे गिरा, तो उसकी गड़गड़ाहट से पूरी सोसाइटी दहल उठी।

आवाज सुनकर जब आसपास के लोग घरों से बाहर भागे, तो नीचे मलबे का ढेर लगा था। संयोग अच्छा था कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, ठीक उसी समय बालकनी के नीचे के रास्ते से कुछ लोग गुजर रहे थे, जो बाल-बाल बच गए। हालांकि, इस घटना ने चिंटल्स पैराडाइसो जैसे पुराने हादसों के जख्म और डर को एक बार फिर ताजा कर दिया है।

बिल्डर की लापरवाही पर फूटा गुस्सा, पिछले महीने ही हुआ था बवाल

इस हादसे के बाद से सोसाइटी के सैकड़ों निवासी मौके पर जमा हो गए और बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। रेजिडेंट्स का साफ कहना है कि यह कोई अचानक हुआ वाकया नहीं है, बल्कि बिल्डर की लगातार जारी लापरवाही का नतीजा है।

गौरतलब है कि महज पिछले महीने ही फेज-2 के निवासियों ने बुनियादी सुविधाओं की बदहाली, जर्जर होते जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम न होने को लेकर परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। लोगों का आरोप है कि बार-बार लिखित शिकायतें देने के बाद भी मेंटेनेंस टीम और बिल्डर ने आंखें मूंदे रखीं, जिसका खामियाजा आज भुगतना पड़ा है।

पिलर डैमेज होने से पूरा टावर खतरे में, आरडब्ल्यूए जाएगी पुलिस के पास

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब आरडब्ल्यूए ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ‘इम्पीरिया एस्फेरा’ आरडब्ल्यूए के प्रेसिडेंट हेमंत ने बताया, “यह बेहद विचलित करने वाली घटना है। गनीमत रही कि यह फ्लैट खाली था और कोई बालकनी में मौजूद नहीं था, वरना जान जाना तय था। लेकिन नीचे गिरा भारी मलबा किसी भी राहगीर की जान ले सकता था।

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस लेंटर के गिरने से मुख्य पिलर को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे अब पूरे टावर-ई की मजबूती और सुरक्षा खतरे में आ गई है।” उन्होंने साफ किया कि आरडब्ल्यूए इस पूरे मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराकर बिल्डर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तरफ कदम बढ़ा रही है।

स्ट्रक्चरल ऑडिट की उठी मांग, डीटीपी और जिला प्रशासन से गुहार

हादसे के बाद अब सोसाइटी के लोग अपने ही घरों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। निवासियों ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट (DTCP) और जिला प्रशासन से इस मामले में तुरंत दखल देने की अपील की है। रेजिडेंट्स इस बात पर अड़ गए हैं कि पूरे प्रोजेक्ट की निर्माण गुणवत्ता की जांच किसी स्वतंत्र और प्रतिष्ठित थर्ड-पार्टी एजेंसी से ‘स्ट्रक्चरल ऑडिट’ के जरिए कराई जाए।

उनका तर्क है कि जब तक पूरे प्रोजेक्ट के सभी टावरों की मजबूती की वैज्ञानिक जांच नहीं हो जाती, तब तक यहां रहने वाले हजारों परिवारों के सिर पर खतरा मंडराता रहेगा।

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