NEET UG 2026 में बड़ी गड़बड़ी? हरियाणा के छात्र के 605 अंक रातों-रात घटकर रह गए सिर्फ 60, NTA से शिकायत
हरियाणा के नीट अभ्यर्थी का दावा— NTA ने बिना बताए बदला मेरा रिजल्ट, महानिदेशक को भेजे पुख्ता सबूत
NEET UG 2026: मेडिकल दाखिले के लिए आयोजित होने वाली नीट यूजी-2026 की परीक्षा के नतीजों को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा होता दिख रहा है। हरियाणा के एक होनहार अभ्यर्थी के स्कोरकार्ड में महज कुछ घंटों के भीतर ऐसा फेरबदल हुआ कि छात्र और उसका पूरा परिवार सदमे में है।
सोनीपत के बहालगढ़ के रहने वाले मुकुल काजल, जो इन दिनों जींद जिले के ढांडाखेड़ी गांव में अपने मामा के घर आए हुए हैं, उन्होंने सीधे एनटीए (NTA) के महानिदेशक को पत्र लिखकर अपने साथ हुई इस गड़बड़ी की शिकायत की है और इंसाफ की गुहार लगाई है।
17 जुलाई को आई थी 9551वीं रैंक, अगले ही दिन सुबह उड़ गए होश
महानिदेशक को भेजी गई आधिकारिक शिकायत के मुताबिक, मुकुल ने 17 जुलाई को नीट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट चेक किया था। उस समय डाउनलोड किए गए स्कोरकार्ड में मुकुल के 720 में से 605 अंक दर्ज थे, जिसके आधार पर उन्हें ऑल इंडिया रैंक 9551 मिली थी।
इस शानदार स्कोर से परिवार में खुशी का माहौल था। लेकिन यह खुशी 24 घंटे भी नहीं टिक सकी। 18 जुलाई की सुबह जब मुकुल ने किसी काम से दोबारा वेबसाइट खोलकर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड किया, तो कंप्यूटर स्क्रीन पर दिख रहे आंकड़े देखकर उनके होश उड़ गए। नए स्कोरकार्ड में उनके अंक 605 से घटाकर सीधे 60/720 कर दिए गए थे, जिससे उनकी ऑल इंडिया रैंक भी फिसलकर 18,76,324 पर पहुंच गई।
छात्र के पास पुख्ता सबूत; ओएमआर शीट और आंसर-की से भी मिल रहे 605 नंबर
इस पूरे मामले में छात्र मुकुल का पक्ष बेहद मजबूत नजर आ रहा है क्योंकि उनके पास एनटीए की इस कथित लापरवाही के खिलाफ पुख्ता तकनीकी सबूत मौजूद हैं। मुकुल के पास 17 जुलाई को डाउनलोड किया गया ओरिजिनल स्कोरकार्ड पूरी तरह सुरक्षित है, जिसमें 605 अंक साफ दिखाई दे रहे हैं।
इसके अलावा, एनटीए द्वारा जारी की गई आधिकारिक ओएमआर रिस्पॉन्स शीट और फाइनल आंसर-की (उत्तर कुंजी) का जब दोबारा मिलान किया गया, तो भी मुकुल का वास्तविक स्कोर 605 अंक ही बैठ रहा है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि बिना किसी आधिकारिक नोटिस या सूचना के एक दिन में किसी छात्र का स्कोरकार्ड इस तरह कैसे बदल सकता है।
एनटीए महानिदेशक से निष्पक्ष जांच की मांग, कानूनी कदम उठाने की तैयारी
पीड़ित छात्र और उनके परिजनों ने इस तकनीकी गड़बड़ी या मानवीय चूक को लेकर एनटीए से तुरंत स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। मुकुल का कहना है कि 605 अंकों के साथ उन्हें देश के किसी भी अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला आसानी से मिल जाता, लेकिन इस फेरबदल ने उनके डॉक्टर बनने के सपने और भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया है।
परिजनों का कहना है कि यदि एनटीए ने इस शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उनका पुराना स्कोरकार्ड बहाल नहीं किया, तो वे इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
