Haryana Weather Update: हरियाणा के हिसार पहुंचा मानसून, 17 जिलों में आंधी और भारी बारिश का यलो अलर्ट
जानिए आपके जिले में कब पहुंचेंगी मानसूनी हवाएं
Haryana Weather Update: उत्तर भारत में भीषण गर्मी और उमस से बेहाल लोगों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए हरियाणा के हिसार और पंजाब के बठिंडा तक पहुंच गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पुष्टि की है कि मानसून ने गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के बचे हुए हिस्सों को समेटते हुए हरियाणा के नए इलाकों में प्रवेश कर लिया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 4 से 5 दिनों के भीतर परिस्थितियां ऐसी बन रही हैं कि मानसून पूरे सूबे को अपनी जद में ले लेगा। मानसून की इस बढ़ी सक्रियता के चलते आज से ही राज्य में बारिश की रफ्तार तेज होगी, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है।
अंबाला-गुरुग्राम सहित 17 जिलों में यलो अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम में आए इस बड़े बदलाव को देखते हुए विभाग ने हरियाणा के 17 जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। इसके तहत अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकूला, सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह और रोहतक समेत कई इलाकों में मौसम खराब रहने की आशंका है।
इन जिलों में न सिर्फ बादल गरजेंगे, बल्कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी आने के भी आसार हैं। मौसम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम और आकाशीय बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और सतर्कता बरतें।
यमुनानगर में बरसे सबसे ज्यादा बदरा, पश्चिमी हरियाणा को अभी भी इंतजार
फिलहाल मानसून का असर पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी हरियाणा के हिस्सों में ज्यादा दिखाई दे रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 24 घंटों के दौरान यमुनानगर में सबसे ज्यादा 11.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा सोनीपत में 6.5 मिमी, महेंद्रगढ़ में 6.0 मिमी और साइबर सिटी गुरुग्राम में 5.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई है।
इसके उलट, पश्चिमी हरियाणा के सिरसा और फतेहाबाद जिलों में अभी भी मानसूनी हवाओं की रफ्तार सुस्त है और यहां के ज्यादातर इलाके सूखे पड़े हैं। हालांकि, मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 6 जुलाई से पूरा मानसूनी सिस्टम एक साथ एक्टिव होगा, जिसके बाद सभी जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी।
धान की रोपाई के लिए संजीवनी है यह बारिश, जलभराव से बचने की सलाह
इस मानसूनी बारिश का सबसे ज्यादा फायदा खेती-किसानी को होने जा रहा है। मौसम विभाग ने अन्नदाताओं के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि वे अपनी कृषि गतिविधियां मौसम के मिजाज को देखकर ही तय करें। खेतों में सिंचाई, खाद डालने या कीटनाशकों का छिड़काव करने से पहले बारिश के पूर्वानुमान को ध्यान में रखें।
विशेष रूप से धान की नर्सरी तैयार कर रहे और कपास की खेती करने वाले किसानों को हिदायत दी गई है कि वे खेतों में पानी जमा न होने दें और जल निकासी का उचित प्रबंध रखें। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बारिश धान की रोपाई और खरीफ की अन्य फसलों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
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