Jantar Mantar Protest: दिल्ली में CJP का प्रदर्शन 35वें दिन जारी, आज सरकार के साथ बैठक की संभावना, दिल्ली में सुरक्षा कड़ी
दिल्ली में CJP का प्रदर्शन 35वें दिन जारी
Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन लगातार 35वें दिन भी जारी है। राजधानी में आज दोपहर 12:30 बजे CJP के प्रतिनिधिमंडल और केंद्र सरकार के मंत्रियों के बीच बैठक होने की संभावना जताई गई है। आंदोलन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सेंट्रल दिल्ली में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है, जबकि राजीव चौक और लोक कल्याण मार्ग समेत 17 मेट्रो स्टेशनों को एहतियातन बंद रखा गया है। इस प्रदर्शन का केंद्र शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग है। CJP ने साफ कहा है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक जंतर-मंतर पर धरना जारी रहेगा। राजधानी में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी के कारण आम लोगों की आवाजाही और यातायात पर भी असर पड़ा है।
सरकार और CJP के बीच बातचीत पर बना गतिरोध
20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के प्रवक्ताओं से मुलाकात की थी। इसके बाद सरकार ने दावा किया कि उसने चार बार CJP को बातचीत के लिए आमंत्रित किया, लेकिन संगठन बातचीत के लिए नहीं पहुंचा। वहीं, CJP का कहना है कि वह किसी मंत्री के आवास पर बातचीत के लिए नहीं जाएगा। संगठन ने अपनी ओर से स्पष्ट किया कि बातचीत किसी निष्पक्ष स्थान पर होनी चाहिए ताकि संवाद पारदर्शी तरीके से हो सके।
अभिजीत दीपके बोले- इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेगा और देशभर में भी प्रदर्शन किए जाएंगे। उधर, 26 दिन तक भूख हड़ताल पर रहने के बाद सोनम वांगचुक ने 27वें दिन अपना अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि, इससे जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ा और प्रदर्शन पहले की तरह जारी है।
देर रात बैरिकैड्स तोड़े, सुरक्षा बढ़ाई गई
संसद मार्ग पर देर रात कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकैड्स तोड़ दिए, जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी। इसके मद्देनजर सेंट्रल दिल्ली के कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। 17 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला भी इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। इससे दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और अन्य यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के वीडियो से आंदोलन की मांगों पर कोई असर नहीं पड़ता। राहुल गांधी के अनुसार विपक्ष की तीन मांगें हैं—धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, 20 जुलाई को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और छात्रों से सार्वजनिक माफी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो तो प्रधानमंत्री को संसद के भीतर बयान देना चाहिए, न कि देर रात वीडियो जारी कर एकतरफा पक्ष रखना चाहिए। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने छात्रों की आवाज का जवाब कठोरता से दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
