Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर कूच कर रहे नेता सोनीपत स्टेशन पर रोके, पंजाब बॉर्डर पर भारी पुलिस तैनात
NEET Paper Leak: दिल्ली संसद मार्च से पहले सोनीपत में भारी बवाल, विमल किशोर को पुलिस ने घेरा
Jantar Mantar Protest: NEET पेपर लीक और देश के खस्ताहाल शिक्षा तंत्र के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन अब आर-पार की जंग में तब्दील हो चुका है। सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च को रोकने के लिए दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी।
जंतर-मंतर की तरफ बढ़ रहे आम आदमी पार्टी के नेता विमल किशोर और कई हरियाणवी नेताओं को पुलिस ने सोनीपत रेलवे स्टेशन पर ही रोक लिया। विमल किशोर ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से संसद का घेराव करने जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जबरन गिरफ्तार करने की कोशिश की है। पूरे प्रदेश में दिल्ली जाने वाले हर रास्ते पर नाकेबंदी कर दी गई है।
पंजाब के युवाओं का दिल्ली कूच, NH-44 पर छावनी जैसी मुस्तैदी
आंदोलन की आंच अब पड़ोसी राज्य पंजाब तक पहुंच गई है। पंजाब से भारी संख्या में युवाओं का जत्था दिल्ली के जंतर-मंतर की तरफ रवाना हो चुका है।
इन युवाओं को किसी भी कीमत पर दिल्ली और हरियाणा में प्रवेश करने से रोकने के लिए पुलिस ने चक्रव्यूह तैयार किया है। नेशनल हाईवे 44 (NH-44) पर पड़ने वाले हर जिले में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पंजाब से आने वाले इन प्रदर्शनकारियों को हरियाणा बॉर्डर पर ही रोक दिया जाए, जिसके चलते हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है।
‘व्हाइट चद्दर में लपेटकर घसीटा…’ विजेता दहिया ने बयां किया शनिवार का खौफनाक मंजर
जंतर-मंतर पर मोर्चा संभाले CJP के प्रवक्ता विजेता दहिया ने ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत में शनिवार तड़के हुई पुलिसिया कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया।
उन्होंने सीधे तौर पर बीजेपी सरकार और दिल्ली पुलिस पर गुंडागर्दी का आरोप मढ़ते हुए कहा कि सादी वर्दी में आए दर्जनों पुलिसकर्मियों ने निहत्थे वॉलंटियर्स के साथ लात-घूंसों से मारपीट की, जिसमें कई कार्यकर्ताओं के कपड़े फट गए और चोटें आईं। इसके बाद 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को एक सफेद चद्दर में लपेटकर जबरन घसीटते हुए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जो सीधे तौर पर एक ‘किडनैपिंग’ जैसी कार्रवाई है।
दुष्यंत-दिग्विजय भी पहुंचे थे समर्थन में, जेल जाने से नहीं डरते हरियाणवी
विजेता दहिया ने साफ किया कि सोनम वांगचुक को जबरन हटाने के बाद भी आंदोलन थमा नहीं है। अब नेहा, मनीष, आमिन और बहादुर सिंह के साथ अभिजीत दीपके भी अनशन पर बैठ गए हैं।
आंदोलन के प्रति बढ़ते समर्थन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 17 जुलाई को पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला भी जंतर-मंतर पहुंचे थे और उन्होंने ताऊ देवीलाल की तस्वीर व उन पर लिखी किताब वांगचुक को भेंट की थी। दहिया ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री विदेश में जाकर ‘मेलोडी’ कर रहे हैं, जबकि देश का युवा पेपर लीक के कारण आत्महत्या कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि हरियाणवी वीरों की भूमि से आते हैं और वे पुलिस की किसी भी गिरफ्तारी या डिटेंशन से डरने वाले नहीं हैं।
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