Keep Curd Fresh Monsoon: मानसून में बार-बार खट्टा हो जाता है दही? आज ही सुधारें ये 5 आम गलतियां
मानसून में बार-बार खट्टा हो जाता है दही?
Keep Curd Fresh Monsoon: उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में मानसून की दस्तक के साथ ही रसोई में रखी चीजें जल्दी खराब होने की समस्या आम हो जाती है। गृहिणियों की अक्सर यह शिकायत रहती है कि जो दही सामान्य दिनों में दो से तीन दिन तक आराम से ताजा रहता था, वह इन दिनों महज एक ही दिन में अत्यधिक खट्टा और बेस्वाद हो जाता है। खाद्य विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके पीछे मुख्य वजह इस मौसम में हवा में मौजूद भारी नमी और बढ़ा हुआ तापमान है। यह माहौल बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे अनुकूल होता है, जिससे फर्मेंटेशन (खमीर उठने) की प्रक्रिया तेज हो जाती है। हालांकि, केवल मौसम को दोष देना ठीक नहीं है; हमारी कुछ रोजमर्रा की अनजानी गलतियां भी इस समस्या को बढ़ा देती हैं।
जमने के बाद बाहर छोड़ना और गीले बर्तनों का इस्तेमाल है बड़ी चूक
दही को खराब होने से बचाने के लिए सबसे पहली सावधानी उसके जमने के समय को लेकर बरतनी होगी। अक्सर लोग दही जमाने के बाद उसे घंटों किचन स्लैब पर ही छोड़ देते हैं। मानसून में जैसे ही दही पूरी तरह सेट हो जाए, उसे बिना वक्त गंवाए तुरंत फ्रिज में डाल देना चाहिए। फ्रिज का ठंडा तापमान दही को एक्स्ट्रा खट्टा होने से रोकता है। इसके अलावा, जिस बर्तन में दही जमाया जा रहा है, उसका पूरी तरह सूखा और साफ होना बेहद लाजिमी है। अगर बर्तन में थोड़ी भी नमी या पानी की बूंदें रह जाती हैं, तो दही का पानी अलग हो जाता है और वह जल्दी सड़ने लगता है।
जामन का सही गणित और चम्मच की साफ-सफाई पर दें ध्यान
बारिश के दिनों में लोग अक्सर एक और बड़ी गलती करते हैं—दही जल्दी जमाने की चाहत में दूध में जरूरत से ज्यादा जामन (स्टार्टर) मिला देते हैं। मानसून में बैक्टीरिया पहले से ही बहुत सक्रिय होते हैं, ऐसे में ज्यादा जामन दही को चंद घंटों में ही सिरके जैसा खट्टा बना देता है। इसके लिए हमेशा हल्के गुनगुने दूध में बहुत थोड़ी मात्रा में ताजा जामन का ही प्रयोग करें। इसके साथ ही, जब भी खाने के लिए दही निकालें, तो हमेशा पूरी तरह सूखी और साफ चम्मच का ही इस्तेमाल करें। जूठी या गीली चम्मच से दही में बाहरी बैक्टीरिया प्रवेश कर जाते हैं, जिससे पूरी हांडी का दही एक ही रात में बदबूदार हो सकता है।
फ्रिज से बार-बार बाहर निकालने की आदत बदलें
दही की गुणवत्ता बनाए रखने का एक सुनहरी नियम यह भी है कि जितनी जरूरत हो, उतना ही दही एक अलग कटोरी में निकालें और बाकी के बर्तन को तुरंत वापस फ्रिज में ढककर रख दें। बार-बार पूरे बर्तन को बाहर निकालने और फिर फ्रिज में रखने से तापमान में बार-बार बदलाव आता है, जिससे दही अपनी ताजगी खो देता है। अगर संभव हो तो इस मौसम में मिट्टी के कुल्हड़ या बर्तन में दही जमाएं, क्योंकि मिट्टी अतिरिक्त नमी को सोख लेती है और दही गाढ़ा व मीठा बना रहता है। इन छोटी लेकिन बेहद असरदार कड़ियों को जोड़कर आप मानसून में भी रायते और लस्सी का भरपूर स्वाद ले सकते हैं।
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