Punjab Weather: पंजाब-चंडीगढ़ में मानसून सक्रिय, 18 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, पहले दिन सामान्य से 66% कम बरसे बादल
पंजाब के 18 जिलों में आज बारिश का अलर्ट
Punjab Weather: पंजाब और चंडीगढ़ में 1 जुलाई को मानसून की आधिकारिक एंट्री के साथ लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 2 जुलाई से अगले छह दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। गुरुवार के लिए पंजाब के 18 जिलों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है, जबकि 14 जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का यलो अलर्ट लागू है। इनमें पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है। मानसून की शुरुआत राहत लेकर आई है, लेकिन पहले दिन सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज होने के कारण मौसम विभाग इसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
18 जिलों में बारिश और कई इलाकों में तेज हवाओं की चेतावनी
चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार गुरुवार को पंजाब के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में तेज बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला सहित अन्य जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
तापमान में आई गिरावट, चंडीगढ़ और बठिंडा के बीच बड़ा अंतर
मानसून के प्रभाव से बुधवार को अधिकतम तापमान में औसतन 3.3 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई, हालांकि यह अभी भी सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक रहा। बठिंडा राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर चंडीगढ़ में तापमान 5.8 डिग्री गिरकर 29.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। दोनों स्थानों के तापमान में करीब 12 डिग्री सेल्सियस का अंतर देखने को मिला, जो मानसूनी गतिविधियों के क्षेत्रीय प्रभाव को दर्शाता है।
25 वर्षों के रिकॉर्ड में मानसून की एंट्री का पैटर्न
वर्ष 2026 में मानसून ने 1 जुलाई को पंजाब और चंडीगढ़ में दस्तक दी। पिछले वर्ष की तुलना में यह पंजाब में 9 दिन और चंडीगढ़ में 7 दिन देरी से पहुंचा। मौसम विभाग के 25 वर्षों के रिकॉर्ड के अनुसार पंजाब में सबसे जल्दी मानसून 13 जून 2008 को पहुंचा था, जबकि सबसे अधिक देरी वर्ष 2002 में हुई थी, जब पूरे राज्य में मानसून 15 अगस्त तक फैल पाया। वर्ष 2001 से 2026 के बीच अधिकतर बार मानसून जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह के बीच पहुंचा है। वर्ष 2020 और 2025 में मानसून जून में ही पूरे पंजाब और चंडीगढ़ को कवर कर चुका था, जबकि 2021 और 2023 में पूरे राज्य में फैलने में लगभग एक माह का समय लगा।
पहले दिन सामान्य से 66% कम बारिश दर्ज हुई
मानसून की शुरुआत अपेक्षाकृत कमजोर रही। मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई को पूरे पंजाब में औसतन केवल 1.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस तारीख पर सामान्य वर्षा 3.6 मिमी मानी जाती है। इस तरह पहले ही दिन 66 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक 60.4 मिमी वर्षा पठानकोट में हुई। इसके अलावा गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर और रूपनगर में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि अमृतसर, लुधियाना, पटियाला सहित अधिकांश जिलों में उल्लेखनीय वर्षा नहीं हुई। इससे साफ है कि मानसून अभी राज्य के सभी हिस्सों में समान रूप से सक्रिय नहीं हुआ है।
एक जून से अब तक भी सामान्य से कम वर्षा
1 जून से 1 जुलाई तक पंजाब में कुल औसतन 30.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 58.1 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अब तक राज्य में 47 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि जिला स्तर पर स्थिति अलग रही। पठानकोट में सामान्य से 52 प्रतिशत अधिक, तरनतारन में 41 प्रतिशत अधिक और अमृतसर में 14 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। दूसरी ओर बरनाला, फतेहगढ़ साहिब, होशियारपुर और मोहाली में सामान्य से 79 से 91 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई। मौसम विभाग का कहना है कि पिछले 24 घंटों में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहीं, लेकिन कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम तथा कहीं-कहीं भारी वर्षा दर्ज की गई।
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