July 28, 2026

Narnaul News: नारनौल में 64 हजार से ज्यादा वोटर मिले ‘लापता’, 31 जुलाई को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची

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Narnaul News: नारनौल में 64 हजार से ज्यादा वोटर मिले 'लापता', 31 जुलाई को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची

महेंद्रगढ़ जिले की वोटर लिस्ट से हटेंगे फर्जी नाम, DC अनुपमा अंजलि ने दी अहम जानकारी

Narnaul News: चुनाव आयोग के निर्देशों पर नारनौल (महेंद्रगढ़) जिले में चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के तहत एक बड़ा आंकड़ा सामने आया है। जिला प्रशासन की ओर से कराए गए घर-घर सर्वे और डेटा सत्यापन में जिले के 64,103 मतदाता ऐसे पाए गए हैं जो अपने पते पर मौजूद नहीं हैं। इनमें से कई लोगों की मृत्यु हो चुकी है, कई अन्य शहरों में बस चुके हैं, जबकि कई के नाम सूची में दो-दो जगह दर्ज हैं।

31 जुलाई से 30 अगस्त तक दर्ज होंगे दावे-आपत्तियां

लघु सचिवालय के मीटिंग हॉल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने बताया कि मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए आगामी 31 जुलाई को ‘ड्राफ्ट मतदाता सूची’ का आधिकारिक प्रकाशन किया जाएगा। इसके साथ ही 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक नागरिक सूची पर अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। यदि किसी पात्र युवा का नाम छूट गया है या किसी के नाम-पते में संशोधन की जरूरत है, तो वह निर्धारित फॉर्म भरकर आवेदन कर सकता है।

35 अतिरिक्त अधिकारी नियुक्त, नोटिस जारी कर होगी सुनवाई

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जिले में 7,49,607 पंजीकृत मतदाता हैं। अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट श्रेणी में चिन्हित 64,103 वोटों की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी जायज वोटर का नाम गलती से न कट जाए।

प्रक्रिया को सुगम और तेज बनाने के लिए जिले में 35 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (AERO) तैनात किए गए हैं। इनमें अटेली, महेंद्रगढ़ और नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्रों में 8-8 तथा नारनौल विधानसभा क्षेत्र में 11 अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी उन मतदाताओं को नोटिस भेजकर सुनवाई करेंगे, जिनकी मैपिंग 2002 की मतदाता सूची से मैच नहीं हो पा रही है।

फैसले से असंतुष्ट होने पर कर सकेंगे अपील

आयोग ने दावों और आपत्तियों के अंतिम निपटारे के लिए 31 जुलाई से 28 सितंबर तक का समय तय किया है। यदि कोई नागरिक सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी के फैसले से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसके पास निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ERO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO हरियाणा) के समक्ष अपील दायर करने का अधिकार रहेगा।

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