July 13, 2026

Lemur Millipede: जहर से नशा करता है यह मासूम जानवर, मिलीपीड को चबाकर पूरे बदन पर मलता है ‘नेचुरल स्प्रे’

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Lemur Millipede: जहर से नशा करता है यह मासूम जानवर, मिलीपीड को चबाकर पूरे बदन पर मलता है 'नेचुरल स्प्रे'

जुबान का स्वाद या जीने की मजबूरी? जानिए क्यों हजारपैर वाले कीड़े के पीछे भागता है बड़ी आंखों वाला लीमर

Lemur Millipede: कुदरत के अनमोल रहस्यों के बीच वन्यजीवों की दुनिया में ऐसे कई वाकये देखने को मिलते हैं जो इंसानी समझ को हैरान कर देते हैं। अमूमन किसी भी प्रकार के जहर या नशीले रसायनों को जीवन के लिए खतरा माना जाता है, लेकिन ‘लीमर’ के मामले में यह बात पूरी तरह खारिज हो जाती है।

पहली नजर में बेहद शांत, चंचल और बड़ी-बड़ी आंखों वाला यह सीधा-साधा जीव एक शातिर खोजी की तरह जंगलों में घूमता है। लेकिन इसकी खोज खाना नहीं, बल्कि एक खास कीड़ा होता है। जैसे ही इसे ‘मिलीपीड’ दिखाई देता है, इसके चेहरे का हाव-भाव बदल जाता है और यह उस पर टूट पड़ता है।

खेल-खेल में कीड़े को तड़पाना और फिर शुरू होता है ‘नशे’ का खेल

पहली बार देखने वाले को लगेगा कि लीमर इस कीड़े को अपना निवाला बनाने जा रहा है, लेकिन कहानी यहां बिल्कुल जुदा है। लीमर बड़ी होशियारी से मिलीपीड को अपने पंजों में जकड़ता है और उसे दांतों से बहुत हल्का सा चबाता या दबाता है। अपनी जान खतरे में देख मिलीपीड आत्मरक्षा मोड में आ जाता है और बदन से एक बेहद तीखा, दुर्गंधयुक्त और जहरीला रसायन (जिसमें साइनाइड की मात्रा होती है) छोड़ने लगता है।

आम तौर पर इस केमिकल की गंध से दूसरे शिकारी दूर भाग जाते हैं, मगर लीमर के लिए यही वो ‘अमृत’ है जिसकी उसे तलाश थी। इस केमिकल के संपर्क में आते ही कुछ ही मिनटों में लीमर की आंखें आधी बंद होने लगती हैं, वह सुस्त होकर बैठ जाता है और मदहोशी की एक अलग ही दुनिया में खो जाता है।

नशा ही नहीं, कीड़ों से बचने का है यह ‘नेचुरल कीटनाशक’

अगर आप सोच रहे हैं कि लीमर यह सब महज अपनी लत या शौक के लिए करता है, तो आप गलत हैं। वन्यजीव वैज्ञानिकों ने गहन रिसर्च के बाद इसके पीछे छिपे प्रकृति के एक बेहतरीन सर्वाइवल टूल (जीने की कला) का पता लगाया है। मिलीपीड से निकलने वाले इस केमिकल को लीमर अपनी लार के साथ मिलाकर अपने पूरे बदन, हाथों-पैरों और घने फर पर अच्छी तरह से मलता है।

असल में, जिन घने जंगलों में लीमर रहते हैं, वहां मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों, जूँ और खतरनाक परजीवियों (Ticks) की भरमार होती है। मिलीपीड का यह जहर लीमर के बदन पर एक अभेद्य सुरक्षा कवच यानी प्राकृतिक मॉस्किटो रिपेलेंट की तरह काम करता है। इसकी तेज गंध के कारण जहरीले मच्छर और कीड़े लीमर के पास फटकने की हिम्मत भी नहीं करते।

एक तीर से दो निशाने: सुरक्षा भी और मजा भी

लीमर की यह अनोखी जुगत इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जंगलों में जीवित रहने के लिए जीव किस हद तक अपनी बुद्धिमत्ता का विकास कर लेते हैं।

इस एक छोटी सी तरकीब से लीमर को दो बड़े फायदे मिलते हैं—पहला, कुछ समय के लिए तनाव से मुक्ति और हल्का सुरूर, और दूसरा, जानलेवा बीमारियों से बदन की मुकम्मल हिफाजत। जीव विज्ञान में ऐसे उदाहरण बेहद दुर्लभ हैं जहां कोई जंतु किसी दूसरे जीव के आत्मरक्षा तंत्र (Defensive Weapon) को ही अपना सुरक्षा कवच और मनोरंजन का साधन बना ले। लीमर और मिलीपीड का यह अजीबोगरीब रिश्ता साबित करता है कि कुदरत की अदालत में कोई भी चीज बेकार या पूरी तरह से नुकसानदेह नहीं है; बस उसे इस्तेमाल करने का सलीका आना चाहिए।

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