Nilokheri News: निगदू मंडी में किसान जागरूकता बैठक, चेयरमैन बलराज कारसा ने दिए एमएसपी, जे-फॉर्म और पोर्टल रजिस्ट्रेशन के टिप्स
चेयरमैन बलराज कारसा ने दिए एमएसपी, जे-फॉर्म और पोर्टल रजिस्ट्रेशन के टिप्स
Nilokheri News: महाबीर मैहला, नीलोखेड़ी। हरियाणा राज्य कृषि विपणन मंडल (पंचकूला) के आदेशानुसार निगदू स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में किसानों के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मार्केट कमेटी निगदू के अध्यक्ष चौधरी बलराज कारसा ने की। इस मौके पर आगामी खरीफ सीजन-2026 की पूर्व तैयारियों, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), पारदर्शी मंडी व्यवस्था और किसान कल्याणकारी योजनाओं को लेकर किसानों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए चेयरमैन चौधरी बलराज कारसा ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है। हरियाणा देश का ऐसा राज्य है जहां 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मंडी में अपनी उपज को अच्छी तरह सुखाकर और साफ-सुथरा करके ही लाएं, ताकि तुलाई और खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह का विलंब या परेशानी न हो। इसके अलावा उन्होंने सभी किसानों को मंडी के प्रवेश द्वार पर ट्रैक्टर-ट्रॉली का गेट पास अनिवार्य रूप से बनवाने की सलाह दी।
ई-पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी
बैठक के दौरान मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने किसानों को डिजिटल प्रक्रियाओं से अवगत कराया। किसानों को एमपीईबी रजिस्ट्रेशन (पीआर), ई-नाम-2 पोर्टल पर एंट्री, और एमपीएमबी पोर्टल पर परिवार के तीन सदस्यों को बतौर नॉमिनी जोड़ने की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसान और नॉमिनी का बायोमेट्रिक सत्यापन, इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर ही फसल का वजन, और तुलाई के तुरंत बाद जे-फॉर्म प्राप्त करना बेहद जरूरी है।
किसानों को हिदायत दी गई कि वे अपने जे-फॉर्म पर एमएसपी की दर का उल्लेख अवश्य जांच लें और पोर्टल पर अपने बैंक खाते का सही ब्योरा दर्ज कराएं, ताकि फसल बिक्री की राशि सीधे और बिना किसी देरी के उनके खातों में जमा हो सके। यदि कोई किसान निजी आढ़ती को फसल बेचता है, तो उसका भुगतान भी उसी दिन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
₹10 में भरपेट भोजन, कच्ची पर्ची देने वाले आढ़तियों पर होगी कार्रवाई
चेयरमैन कारसा ने मंडी में उपलब्ध सुविधाओं का जिक्र करते हुए बताया कि किसानों और मंडी में काम करने वाले मजदूरों के लिए प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक अटल किसान-मजदूर कैंटीन में मात्र 10 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा पीने के ठंडे पानी, विश्राम गृह (किसान भवन) और स्वच्छ शौचालयों की समुचित व्यवस्था की गई है।
आढ़तियों की मनमानी पर अंकुश लगाने का संदेश देते हुए उन्होंने किसानों को आगाह किया कि वे किसी भी सूरत में आढ़ती से बिना मोहर वाली ‘कच्ची पर्ची’ न लें। यदि कोई आढ़ती कच्ची पर्ची पर व्यापार करता है, तो किसान तुरंत इसकी लिखित शिकायत मार्केट कमेटी कार्यालय में दर्ज कराएं, ताकि आरोपी के खिलाफ नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।
हादसों की स्थिति में मिलेगी 5 लाख तक की आर्थिक मदद
बैठक में ‘मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना-2013’ की जानकारी भी साझा की गई। मंडी अधिकारियों ने बताया कि कृषि कार्य या मंडी में आवाजाही के दौरान दुर्घटना का शिकार होने वाले 10 से 75 वर्ष तक के किसानों और मजदूरों को इस योजना के तहत ₹37,500 से लेकर ₹5 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाती है।
इस अवसर पर मार्केट कमेटी निगदू के सचिव, मंडी सुपरवाइजर, अन्य प्रशासनिक कर्मचारी और क्षेत्र के दर्जनों गांवों से आए किसान उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों से सरकार की इन पारदर्शी योजनाओं और डिजिटल सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
