Punjab Weather Update: पंजाब में मानसून फिर सक्रिय होने से 13 जिलों में तीन दिन तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, उमस से मिलेगी राहत
पंजाब में मानसून फिर सक्रिय
Punjab Weather Update: पंजाब में पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी के बीच मौसम ने करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार राज्य में मानसून दोबारा सक्रिय हो गया है और आज से अगले तीन दिनों तक 13 जिलों में भारी से बेहद भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना जताई गई है।
जिन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है उनमें पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। बाकी जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
23 जुलाई के लिए भी चार जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 23 जुलाई के लिए भी विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में उस दिन भी भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में लगातार वर्षा के चलते निचले क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी रह सकती है। बारिश के दौरान लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की आवश्यकता होगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां जलभराव की स्थिति जल्दी बनती है।
रविवार की बारिश से तापमान में आई गिरावट
रविवार को पंजाब के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इसका असर तापमान पर भी दिखाई दिया और अधिकतम तापमान में करीब एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार रविवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस पठानकोट में रिकॉर्ड हुआ।
अगले तीन दिन मौसम रहेगा सुहावना
मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक पंजाब के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां तेज बनी रह सकती हैं। लगातार बादल और बारिश के कारण दिन के तापमान में कमी आएगी और उमस का असर भी घटेगा। खेती-किसानी से जुड़े क्षेत्रों में यह बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, हालांकि जिन इलाकों में भारी वर्षा होगी वहां खेतों और निचले क्षेत्रों में पानी भरने की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा। वहीं शहरों में भी लोगों को जलभराव और धीमी यातायात व्यवस्था जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
