Rajasthan News: भीलवाड़ा हाईवे पर सड़क पार कर रहे भेड़ों के झुंड को अज्ञात वाहन ने कुचला, 11 की मौत, 6 से ज्यादा घायल
हादसे का एआई द्वारा जनरेट किया गया इमेज
Rajasthan News: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मांडल थाना क्षेत्र में स्थित नेशनल हाईवे-158 पर रविवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। सड़क पार कर रहे भेड़ों के झुंड को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि 11 भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 से अधिक भेड़ें गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। घटना के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क पर बड़ी मात्रा में खून फैल गया और वहां से गुजर रहे वाहन चालक व स्थानीय लोग मौके पर रुक गए। कुछ ही देर में घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, देर रात भेड़ों का झुंड हाईवे पार कर रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार से आया एक अज्ञात वाहन सीधे झुंड के बीच से निकल गया। वाहन की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और कई भेड़ें उसकी चपेट में आ गईं। टक्कर के बाद कई भेड़ों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि कई घायल होकर सड़क पर तड़पती रहीं। हादसे के बाद चालक बिना रुके वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।
पशुपालक को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान
इस हादसे से संबंधित पशुपालक किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, भेड़ पालन कई परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में भेड़ों की मौत से पशुपालक को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सिर्फ आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पशुपालकों की रोजी-रोटी पर भी सीधा असर डालती हैं। घायल भेड़ों के इलाज की भी अतिरिक्त चुनौती सामने आ गई है।
हादसे की सूचना मिलने के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। आरोप है कि पुलिस करीब डेढ़ घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। इस दौरान स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक हाईवे पर करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में स्थानीय लोगों ने मृत और घायल भेड़ों को सड़क से हटाकर यातायात सामान्य कराया।
CCTV फुटेज के जरिए वाहन की तलाश
इस हादसे के बाद एक बार फिर हाईवे पर पशुओं की आवाजाही और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीण इलाकों से गुजरने वाले कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर रात के समय पशुओं का सड़क पार करना आम बात है। तेज रफ्तार वाहनों के कारण ऐसे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी संकेत, स्पीड कंट्रोल और पर्याप्त रोशनी जैसी व्यवस्थाएं सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मददगार साबित हो सकती हैं।
पुलिस ने घटनास्थल का मौका-मुआयना करने के बाद अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हादसे में शामिल वाहन की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है। फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर वाहन की पहचान होने के बाद चालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों के सामने मौजूद चुनौतियों को भी सामने लाता है। पशुधन पर निर्भर परिवारों के लिए ऐसी घटनाएं सीधे उनकी आय और जीवन-यापन को प्रभावित करती हैं। साथ ही यह मामला हाईवे पर वाहन चालकों के लिए भी सतर्कता का संदेश देता है। विशेषकर रात के समय ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरते हुए गति नियंत्रित रखना और सड़क पर अचानक आने वाले पशुओं के प्रति सावधानी बरतना बड़े हादसों को टालने में मदद कर सकता है।
