July 13, 2026

Rajasthan News: राजस्थान में एआई रोबोट से होगी सीवर सफाई, 35 से ज्यादा शहरों में होगा विस्तार, जहरीली गैस का तुरंत मिलेगा अलर्ट

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Rajasthan News: राजस्थान में एआई रोबोट से होगी सीवर सफाई, 35 से ज्यादा शहरों में होगा विस्तार, जहरीली गैस का तुरंत मिलेगा अलर्ट

एआई रोबोट से सीवर सफाई

Rajasthan News: राजस्थान में सीवरेज सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव शुरू हो गया है। अब कई शहरों में सीवरेज चैंबर की सफाई के लिए कर्मचारियों को सीवर के अंदर नहीं उतरना पड़ेगा। उनकी जगह ‘बैंडीकूट’ नाम का एआई आधारित रोबोट यह काम करेगा। जयपुर में तीन रोबोट काम शुरू कर चुके हैं, जबकि जोधपुर और भीलवाड़ा में इसका ट्रायल चल रहा है। आने वाले समय में प्रदेश के 35 से अधिक शहरों में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
यह बदलाव सिर्फ सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सीवर सफाई के दौरान होने वाले जानलेवा हादसों को कम करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है। सीवरेज चैंबर में जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण हर साल कई सफाई कर्मचारियों की जान जोखिम में पड़ती है। ऐसे में रोबोट आधारित तकनीक मानव हस्तक्षेप को काफी हद तक कम करेगी।

30 फीट गहराई तक उतरकर करेगा सफाई का काम

जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी का विकसित ‘बैंडीकूट’ रोबोट करीब 30 फीट गहरे सीवरेज चैंबर तक उतर सकता है। इसमें एआई आधारित मैकेनिकल आर्म और लेग लगे हैं, जिनकी मदद से यह चैंबर के अंदर जमा कचरा और गाद साफ करता है। एक रोबोट लगभग पांच से छह कर्मचारियों के बराबर काम कर सकता है। सामान्य तौर पर 20 से 40 मिनट के भीतर एक सीवरेज चैंबर की सफाई पूरी हो जाती है।

चार कैमरों से लाइव निगरानी, 25 किलो तक कचरा निकालने में सक्षम

रोबोट में चार कैमरे लगाए गए हैं। इनमें एक एचडी कैमरा ऊपर की ओर और तीन कैमरे नीचे की ओर लगे हैं। जब रोबोट सीवर में उतरता है तो पूरी लाइव फुटेज बाहर लगे मॉनिटर पर दिखाई देती है। इससे ऑपरेटर बिना सीवर में उतरे अंदर की स्थिति देख सकता है और कंट्रोल पैनल के जरिए रोबोट को निर्देश देकर सफाई करवा सकता है।
रोबोट के अंदर विशेष बकेट सिस्टम लगाया गया है, जो सीवर में जमा कचरे को एकत्र कर बाहर निकालता है। कंपनी के अनुसार यह लगभग 25 किलो तक ठोस कचरा, गाद और बड़े पत्थर भी बाहर ला सकता है। रोबोट के साथ प्रेशर जेटिंग सिस्टम भी लगाया गया है, जिससे मेनहोल और पाइपलाइन की सफाई और प्रभावी ढंग से की जा सकती है।

जहरीली गैस का तुरंत मिलेगा अलर्ट

सीवरेज सफाई के दौरान सबसे बड़ा खतरा जहरीली गैसों का होता है। इसी को देखते हुए रोबोट में कैमरों के साथ गैस सेंसर भी लगाए गए हैं। ये सेंसर सीवरेज चैंबर में मौजूद गैसों की पहचान कर उनकी मात्रा की जानकारी ऑपरेटर को देते हैं। इससे किसी कर्मचारी को जहरीले वातावरण में उतरने की जरूरत नहीं पड़ती और सुरक्षा का स्तर बढ़ता है।
रोबोट के साथ कम्प्रेसर, जनरेटर और ऑटोमैटिक डस्टबिन सिस्टम भी जुड़ा हुआ है। जब रोबोट सीवर से कचरा बाहर लाता है तो उसे हाथ से हटाने की जरूरत नहीं पड़ती। बटन दबाते ही डस्टबिन रोबोट के नीचे आ जाता है और पूरा कचरा उसमें स्वतः डाल दिया जाता है। इससे सफाई कर्मचारियों का सीधे कचरे के संपर्क में आना भी कम हो जाता है।

राजस्थान के इन शहरों में होगा इस्तेमाल

जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी के अनुसार जोधपुर में यह पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित हो रहा है। जयपुर में तीन रोबोट पहले ही काम शुरू कर चुके हैं। इसके अलावा पाली, अजमेर, पुष्कर, जैसलमेर, बड़ी सादड़ी, सूरतगढ़, करौली, भीलवाड़ा, सुमेरपुर, राजसमंद, फतेहनगर, चिड़ावा, नवलगढ़, कुशलगढ़ और नाथद्वारा सहित 35 से अधिक शहरों में इस रोबोट से सीवरेज चैंबर की सफाई की जाएगी। कंपनी के अनुसार यह तकनीक देश के 21 राज्यों में भी इस्तेमाल की जा रही है।

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