Kurukshetra Elevated Railway Track: हरियाणा के पहले एलिवेटेड रेलवे स्टेशन पर रुकी पहली ट्रेन, 7 साल का इंतजार खत्म
कुरुक्षेत्र में 7 साल का इंतजार खत्म
Kurukshetra Elevated Railway Track: कुरुक्षेत्र शहर को फाटक मुक्त बनाने और रेल यातायात को हाईटेक करने का सपना आखिरकार धरातल पर उतर आया है. पूरे 7 साल के लंबे इंतजार और तमाम तकनीकी अड़चनों को पार करते हुए कुरुक्षेत्र का एलिवेटेड रेलवे ट्रैक पूरी तरह चालू हो गया है. शुक्रवार की रात करीब 8:30 बजे का वक्त कुरुक्षेत्र के इतिहास में दर्ज हो गया,
जब जींद से चलकर आई गाड़ी संख्या 54048 जींद-कुरुक्षेत्र पैसेंजर ट्रेन नवनिर्मित एलिवेटेड ट्रैक पर सरपट दौड़ती हुई हरियाणा के पहले एलिवेटेड रेलवे स्टेशन ‘सिटी थानेसर’ पर आकर रुकी. करीब दो मिनट के ठहराव और लोको पायलट की कड़कती सीटी के साथ जब ट्रेन कुरुक्षेत्र जंक्शन के लिए आगे बढ़ी, तो वहां मौजूद रेल अधिकारियों और कर्मचारियों के चेहरे खुशी से खिल उठे.
10 घंटे के ट्रैफिक ब्लॉक में कटी पटरियां, शाम को सफल हुआ ट्रायल
इस ऐतिहासिक पल को अमलीजामा पहनाने के लिए रेलवे की तकनीकी टीम ने शुक्रवार सुबह से ही कुरुक्षेत्र-नरवाना-जींद रेलवे लाइन पर मोर्चा संभाल लिया था. पुरानी लाइन को नए एलिवेटेड ट्रैक से स्थायी रूप से जोड़ने के लिए विभाग की ओर से करीब 10 घंटे का भारी पावर और ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया.
आधुनिक मशीनों की मदद से पुरानी पटरियों को काटकर नई बिछाई गई लाइनों के साथ आखिरी ‘कट एंड कनेक्शन’ का काम बेहद बारीकी से पूरा किया गया. चूंकि रात के समय 10 घंटे का लगातार खाली स्लॉट मिलना मुमकिन नहीं था, इसलिए दिन के समय ही मालगाड़ियों को डायवर्ट कर यह ऑपरेशन चलाया गया. शाम को ट्रैक पर अकेले इंजन दौड़ाकर सिग्नल और सेफ्टी का सफल ट्रायल किया गया, जिसके बाद यात्री ट्रेनों को हरी झंडी मिली.
447 करोड़ का बजट और मनोहर लाल का वो शिलान्यास
इस पूरे प्रोजेक्ट की तकनीकी कमान लोको पायलट चंद्रकांत कुमार, सहायक लोको पायलट मनीष कुमार और रेलवे के पीडब्ल्यूआई एल. मीणा के हाथों में रही, जिन्होंने पहली ट्रेन को इस आधुनिक ट्रैक पर सुरक्षित उतारा. करीब 600 मीटर लंबा यह स्टेशन आधुनिक इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है. इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 447 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की गई है.
याद दिला दें कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला 22 अगस्त 2019 को सूबे के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रखी थी. कुरुक्षेत्र का यह एलिवेटेड ट्रैक पूरे हरियाणा का दूसरा एलिवेटेड ट्रैक है (पहला रोहतक में है), लेकिन सिटी थानेसर प्रदेश की पहली ऐसी रेलवे स्टेशन बिल्डिंग बन गई है जो जमीन से ऊपर ट्रैक पर टिकी है.
17 जुलाई को पीएम मोदी करेंगे आधिकारिक लोकार्पण, यात्रियों में भारी उत्साह
कुरुक्षेत्र जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक शंकर लाल मीणा ने बताया कि एलिवेटेड ट्रैक पर ट्रेनों का नियमित संचालन तो शुरू कर दिया गया है ताकि व्यवस्थाओं का व्यावहारिक परीक्षण हो सके, लेकिन इसका औपचारिक उद्घाटन 17 जुलाई को होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद वर्चुअल माध्यम से जींद में आयोजित एक कार्यक्रम से इस परियोजना को देश को समर्पित करेंगे.
इस बीच, एलिवेटेड ट्रैक से होकर पहली बार सफर करने वाले मुसाफिरों का उत्साह देखते ही बनता था. कुरुक्षेत्र स्टेशन पर उतरे यात्रियों ने कहा कि वे खुद को खुशकिस्मत मान रहे हैं जो इस ऐतिहासिक सफर के पहले गवाह बने. शहर के भीतर फाटकों के बंद होने से लगने वाले रोजाना के जाम से मुक्ति मिलने पर जनता ने इस कार्य की मुक्तकंठ से सराहना की है.
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