July 21, 2026

Yamunanagar News: रूस-यूक्रेन युद्ध का खौफनाक मंजर, ओडेसा में मिसाइल हमले में यमुनानगर के नाविक गुरप्रीत की मौत, 6 माह की बेटी के सिर से उठा साया

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Yamunanagar News: रूस-यूक्रेन युद्ध का खौफनाक मंजर, ओडेसा में मिसाइल हमले में यमुनानगर के नाविक गुरप्रीत की मौत, 6 माह की बेटी के सिर से उठा साया

ओडेसा में मिसाइल हमले में यमुनानगर के नाविक गुरप्रीत की मौत, 6 माह की बेटी के सिर से उठा साया

Yamunanagar News: चल रहे रूस-यूक्रेन संघर्ष की आग अब महासागरों में तैरते व्यापारिक जहाजों तक पहुंच चुकी है। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मर्चेंट वेसल ‘एमवी गोल्डन लियो’ पर 19 जुलाई की शाम हुए एक घातक क्रूज मिसाइल हमले में यमुनानगर जिले के गांव पंजेटो निवासी नाविक गुरप्रीत सिंह बाठ (28) की दर्दनाक मौत हो गई।

इस भयावह हादसे में जहाज पर सवार 17 क्रू मेंबर्स में से कुल 10 लोगों की जान चली गई, जिनमें गुरप्रीत सहित 4 भारतीय नागरिक शामिल हैं, जबकि एक अन्य भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल हुआ है। बाकी मृतक सीरियाई नागरिक बताए जा रहे हैं।

कंपनी का फोन आते ही टूटा दुखों का पहाड़, पूरे गांव में पसरा मातम

सोमवार दोपहर जब शिपिंग कंपनी की ओर से गुरप्रीत के पिता किर्तन सिंह को फोन कर हादसे और बेटे की शहादत की जानकारी दी गई, तो मानो पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इकलौते बेटे की मौत की खबर जंगल की आग की तरह पंजेटो गांव में फैल गई और देखते ही देखते गुरप्रीत के घर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

गुरप्रीत के पिता किर्तन सिंह ने आंसुओं से भीगी आंखों से बताया कि उनका बेटा करीब डेढ़ महीने पहले ही 12 जून 2026 को तुर्की के रास्ते ड्यूटी ज्वाइन करने गया था। साल 2016 में एक भयानक सड़क हादसे में किर्तन सिंह की एक टांग कट गई थी, जिसके बाद से पूरे घर की जिम्मेदारी गुरप्रीत के ही कंधों पर थी। वही घर का अकेला कमाने वाला सहारा था।

‘बेटी को वीडियो कॉल पर देखा था’—शनिवार रात हुई थी आखिरी बात

लगभग डेढ़ साल पहले शादी के बंधन में बंधे गुरप्रीत की छह महीने की एक मासूम बेटी है। शनिवार रात करीब 7:30 बजे गुरप्रीत ने घर पर फोन कर परिजनों का हाल-चाल जाना था। उस दौरान उसने वीडियो कॉल पर अपनी मासूम बच्ची को दुलारा और बातें भी की थीं।

परिवार वालों को क्या मालूम था कि अपनी लाडली को खिलखिलाते देखना उसका आखिरी दीदार साबित होगा। गुरप्रीत ने परिजनों से वादा किया था कि वह 9 महीने बाद छुट्टी लेकर घर लौटेगा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की गुहार

गुरप्रीत के मामा अमरीक सिंह ने बताया कि यूक्रेन की युद्धग्रस्त स्थिति को देखते हुए गुरप्रीत के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने में कम से कम 10 दिन का समय लग सकता है।

अत्यंत पीड़ा से गुजर रहे पिता किर्तन सिंह और समस्त ग्रामवासियों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। परिवार की मांग है कि गुरप्रीत के पार्थिव शरीर को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द उसके पैतृक गांव पंजेटो लाया जाए, ताकि पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों और सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया जा सके।

 

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