Patti depot bus Service Crisis : पंजाब रोडवेज के पट्टी डिपो में स्पेयर पार्ट्स और टायरों की कमी से ठप हो रही बस सेवा
पंजाब रोडवेज के पट्टी डिपो में स्पेयर पार्ट्स और टायरों की कमी से ठप हो रही बस सेवा
Patti depot bus Service Crisis : पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में सरकारी परिवहन व्यवस्था किस कदर बदहाल हो चुकी है, इसकी एक बानगी पट्टी डिपो में साफ देखने को मिल रही है। पट्टी डिपो में स्पेयर पार्ट्स, टायरों और वर्कशॉप में मैकेनिकों की भारी किल्लत के चलते रोडवेज बसों के पहिए थमने लगे हैं। स्थिति यह है कि रोजाना कई रूटों पर बसों के निर्धारित समय मिस हो रहे हैं, जिसका सीधा खामियाजा आम यात्रियों और रोजाना सफर करने वाले विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
वर्कशॉप में सन्नाटा, रूटों से गायब हो रहीं 20 के करीब बसें
स्थानीय निवासियों और यात्रियों के मुताबिक, पट्टी डिपो की करीब 17 से 20 बसें तकनीकी खराबी के बावजूद वर्कशॉप में धूल फांक रही हैं। डिपो में जरूरी स्पेयर पार्ट्स और नए टायर तक उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण छोटी-मोटी खराबी आने पर भी बसों की मरम्मत समय पर नहीं हो पाती। सोने पर सुहागा यह कि वर्कशॉप में कुशल मैकेनिकों के पद भी खाली पड़े हैं। नतीजा यह है कि जब डिपो की कोई बस रास्ते में खराब होती है, तो उसे ठीक करने में घंटों या दिनों का समय लग जाता है और बसें समय पर सड़कों पर नहीं उतर पातीं।
यात्रियों और विद्यार्थियों की बढ़ी मुसीबतें, टाइम मिस होने से सफर हुआ मुश्किल
बसों के लगातार टाइम मिस होने से यात्रियों को बस अड्डों पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए यह समस्या जी का जंजाल बन चुकी है, क्योंकि समय पर बस न मिलने से उनकी पढ़ाई और रूटीन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
पार्टी-अमृतसर, पट्टी-खेमकरण, पट्टी-हरिके, भीखीविंड-पट्टी मोड़ और हरिके जैसे महत्वपूर्ण रूटों पर हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। उदाहरण के तौर पर, पट्टी से अमृतसर जाने वाली सुबह 7:15 बजे की रोडवेज बस अक्सर गायब रहती है। इसी तरह मंगलवार रात अमृतसर से आने वाली 7:10 बजे की बस भी नहीं चली। रात 8 बजे जम्मू के लिए रवाना होने वाली रोडवेज बस भी आधे घंटे की देरी से चली और पट्टी पहुंचने पर दो घंटे तक खराब खड़ी रही, जिससे यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी।
निजी ट्रांसपोर्टरों से मिलीभगत के गंभीर आरोप, जीएम ने दी सफाई
इन बदतर हालातों को देखकर स्थानीय लोगों और यात्रियों में विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा है। लोगों का आरोप है कि पट्टी डिपो के महाप्रबंधक (GM) रंजीत सिंह बग्गा की कथित तौर पर निजी बस ऑपरेटरों के साथ मिलीभगत है।
जनता का मानना है कि जानबूझकर रोडवेज बसों के टाइम मिस करवाए जा रहे हैं, ताकि इसका सीधा फायदा प्राइवेट ट्रांसपोर्ट माफिया को मिल सके। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों ने पंजाब सरकार और परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पट्टी डिपो में जल्द से जल्द टायर्स और स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई बहाल की जाए तथा खाली पदों पर मैकेनिकों की भर्ती हो।
इस पूरे मामले पर जब डिपो के जनरल मैनेजर रंजीत सिंह बग्गा से पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उनका जवाब हैरान करने वाला था। उन्होंने दावा किया कि उन्हें बसों के टाइम मिस होने की कोई जानकारी ही नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि स्पेयर पार्ट्स की कमी के बारे में हेड ऑफिस को पत्र लिखा गया है। वहीं, प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया और इसके बाद बिना कोई संतोषजनक जवाब दिए फोन काट दिया।
