Patti News : ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर FIR से भड़के बिजली कर्मी, सबरा पुलिस चौकी के बाहर दिया धरना
ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर FIR से भड़के बिजली कर्मी, सबरा पुलिस चौकी के बाहर दिया धरना
Patti News : पंजाब के पट्टी क्षेत्र में बिजली विभाग के कर्मचारियों और पुलिस प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। बुधवार को दर्ज एक पुलिस मामले के विरोध में लामबंद हुए दर्जनों बिजली कर्मचारियों और संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने सबरा पुलिस चौकी का अचानक घेराव कर दिया। चौकी के मुख्य द्वार के बाहर दरी बिछाकर बैठे कर्मचारियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जमकर नारेबाजी की।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि विभाग के कर्मचारी दिन-रात अपनी जान जोखिम में डालकर आम जनता तक निर्बाध बिजली आपूर्ति पहुंचाने का काम करते हैं। ऐसे में बिना किसी ठोस आधार के कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और हतोत्साहित करने वाला कदम है।
‘ड्यूटी के दौरान कार्रवाई बर्दाश्त नहीं’: यूनियन नेताओं ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
धरने की अगुवाई कर रहे कर्मचारी नेता मंगल सिंह, सतनाम सिंह और हरजीत सिंह ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने किसी दबाव में आकर कर्मचारियों पर अनुचित केस दर्ज किया है।
यूनियन नेता सतनाम सिंह ने दोटुक शब्दों में कहा: “हमारे साथी केवल अपनी सरकारी ड्यूटी निभा रहे थे। अगर ड्यूटी के दौरान हादसों या विवादों का ठीकरा कर्मचारियों पर ही फोड़ा जाने लगा, तो कोई भी कर्मी निर्भीक होकर काम नहीं कर पाएगा। जब तक पुलिस इस अन्यायपूर्ण मामले को रद्द नहीं करती, हमारा रोष प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।”
प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जिले के उच्च पुलिस अधिकारी इस पूरे मामले की कमान अपने हाथ में लें और एक निष्पक्ष जांच कमेटी गठित कर बेकसूर कर्मचारियों को इस मामले से बाहर निकालें।
पुलिस का पक्ष : परिजनों की शिकायत पर हुई कानूनी कार्रवाई, जांच जारी
दूसरी ओर, बिजली कर्मचारियों के इस उग्र विरोध प्रदर्शन पर सबरा पुलिस चौकी के प्रभारी गुरपाल सिंह ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने अपनी ओर से कोई एकतरफा कार्रवाई नहीं की है।
चौकी प्रभारी के अनुसार, हाल ही में हुए एक हादसे में जान गंवाने वाले मृतक के परिवार ने बिजली कर्मचारियों की लापरवाही को लेकर बयान दर्ज करवाए थे। उन्हीं बयानों के कानूनी आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने भरोसा जताया कि मामले की जांच-पड़ताल निष्पक्ष तरीके से जारी है और साक्ष्यों के आधार पर ही नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
