Patti Police Staff Shortage: पंजाब के तरनतारन जिले के पट्टी शहर में बढ़ती आबादी और लगातार सामने आ रही गोलीबारी की घटनाओं के बीच पुलिस कर्मचारियों की कमी ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। करीब 50 हजार से अधिक आबादी और 19 वार्डों वाले इस शहर की सुरक्षा का जिम्मा थाना सिटी पट्टी के सीमित पुलिस बल पर है। थाने में इंस्पेक्टर समेत कई अहम पद खाली पड़े हैं। ऐसे में शहर में नियमित गश्त, आपराधिक घटनाओं की जांच और जरूरत के समय पुलिस की तत्काल उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
शहर में पुलिस की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना जरूरी है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक थाना सिटी पट्टी में स्वीकृत पदों के मुकाबले कर्मचारियों की संख्या काफी कम है। इसका असर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी व्यवस्था और रोजमर्रा की जिम्मेदारियों पर पड़ सकता है। खासकर गोलीबारी और अन्य आपराधिक घटनाओं के बीच पर्याप्त पुलिस बल की जरूरत और भी बढ़ जाती है।
इंस्पेक्टर समेत कई अहम पद खाली, सीमित कर्मचारियों के सहारे थाना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना सिटी पट्टी में इंस्पेक्टर का एक पद, सब-इंस्पेक्टर का एक पद, सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) के 6 पद, हेड कांस्टेबल के 13 पद, कांस्टेबल के 63 पद और होमगार्ड के 15 जवानों की कमी बताई जा रही है। इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि थाने में पुलिस कर्मचारियों की जरूरत और उपलब्ध संख्या के बीच कितना अंतर है।
दूसरी ओर, थाने में मौजूदा व्यवस्था के तहत इंस्पेक्टर का पद खाली है। यहां एक सब-इंस्पेक्टर, तीन एएसआई, एक हेड कांस्टेबल, 17 कांस्टेबल और पांच होमगार्ड जवानों के सहारे काम चलाया जा रहा है। इतने सीमित कर्मचारियों के साथ शहर की कानून-व्यवस्था संभालना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। थाने के कर्मचारियों को केवल सड़कों पर गश्त ही नहीं करनी होती, बल्कि शिकायतें सुनने, आपराधिक मामलों की जांच करने, आरोपियों की तलाश, गिरफ्तारी, अदालतों से जुड़े काम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। इसके अलावा बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी पुलिस बल की जरूरत होती है।
गोलीबारी की घटनाओं के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ी चिंता
पट्टी शहर में लगातार हो रही गोलीबारी की घटनाओं के बीच पुलिस कर्मचारियों की कमी का मुद्दा और गंभीर हो गया है। ऐसे मामलों में पुलिस को घटनास्थल पर तुरंत पहुंचने, आरोपियों की पहचान करने, सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संदिग्धों की तलाश के लिए अतिरिक्त संसाधनों और कर्मचारियों की जरूरत पड़ती है। यदि थाने में पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं है तो एक ही समय में अलग-अलग इलाकों में गश्त, शिकायतों पर कार्रवाई और आपराधिक मामलों की जांच करना मुश्किल हो सकता है। मौजूदा कर्मचारियों पर भी अतिरिक्त जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। हालांकि, पुलिस स्टाफ की कमी और अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी के बीच सीधा संबंध स्थापित करने के लिए आधिकारिक अपराध आंकड़ों और पुलिस प्रशासन का पक्ष जरूरी है।
शहर के लोगों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि किसी आपात स्थिति में पुलिस कितनी जल्दी मौके पर पहुंच पाएगी। 19 वार्डों में फैले शहर की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल, नियमित गश्त और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी जरूरी है।
सरकार और जिला प्रशासन की जवाबदेही पर उठे सवाल
पट्टी की आबादी लगातार बढ़ रही है, ऐसे में पुलिस कर्मचारियों की तैनाती भी शहर की जरूरत के मुताबिक होनी चाहिए। लोगों का सवाल है कि जब थाने में इतने पद खाली हैं तो उन्हें भरने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई है और पुलिस बल की कमी दूर करने के लिए सरकार की क्या योजना है। पुलिस थानों में पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता केवल विभागीय जरूरत नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा सीधा मुद्दा है। पुलिस कर्मचारियों की कमी के कारण गश्त, जांच और आपातकालीन कार्रवाई पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए इस समस्या को जल्द दूर करना जरूरी है। पट्टी जैसे शहर में बाजारों, रिहायशी इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की नियमित मौजूदगी लोगों में सुरक्षा का भरोसा बनाए रखने के लिए अहम है। इसके लिए खाली पदों को भरने के साथ-साथ मौजूदा पुलिस बल की बेहतर तैनाती और गश्त की प्रभावी व्यवस्था भी जरूरी है।
थाना सिटी पट्टी के प्रभारी विपिन कुमार से जब पुलिस कर्मचारियों की कमी के बारे में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि इस समस्या के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों और डीजीपी पंजाब मुख्यालय को पत्र लिखकर सूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मचारियों की कमी का मामला अधिकारियों के ध्यान में लाया जा चुका है। थाना प्रभारी के इस बयान से स्पष्ट है कि थाने में स्टाफ की कमी को लेकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई है। अब देखना होगा कि इस संबंध में कब तक आवश्यक कर्मचारियों की तैनाती की जाती है।
एसएसपी बोले- पूरे तरनतारन जिले में पुलिस कर्मचारियों की कमी
इस मामले में एसएसपी तरनतारन सुरिंदर कुमार लांबा से संपर्क किया गया तो उन्होंने भी जिले में पुलिस कर्मचारियों की कमी होने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में पुलिस बल की कमी चल रही है। एसएसपी ने बताया कि डीजीपी पंजाब से बातचीत करके सीमावर्ती क्षेत्र के पुलिस थानों में जल्द ही कर्मचारियों की कमी पूरी की जाएगी। उनके इस बयान के बाद पट्टी सहित सीमावर्ती क्षेत्र के अन्य थानों में भी पुलिस बल बढ़ने की उम्मीद जगी है। वहीं, डीजीपी पंजाब गौरव यादव से इस संबंध में संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
पट्टी शहर की 50 हजार से अधिक आबादी और 19 वार्डों को देखते हुए थाना सिटी में पर्याप्त पुलिस कर्मचारियों की तैनाती जरूरी है। खाली पदों को भरने के साथ संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने और आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सहायता उपलब्ध करवाने के लिए ठोस व्यवस्था बनानी होगी। अब शहरवासियों की नजर सरकार, पुलिस मुख्यालय और जिला प्रशासन पर है। एसएसपी ने जल्द कमी दूर करने का भरोसा दिया है, लेकिन असली राहत तब मिलेगी जब थाने में जरूरी पुलिस कर्मचारी तैनात होंगे और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को पर्याप्त बल मिलेगा।
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