Political Update: कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन की ओर से प्रस्तावित ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम को रोकने की कोशिश की जा रही है। वेणुगोपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चाहे जो कर लें, विपक्ष अपना कार्यक्रम आयोजित करेगा और अभियान को आगे बढ़ाएगा।
विपक्षी दल एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करने की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले 30 अक्टूबर को ‘वोट चोरी’ के मुद्दे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक संसद आयोजित कर ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम करने की योजना है। वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि विपक्षी दलों ने पहले अशोक होटल का लॉन बुक कराने की कोशिश की थी। उनके मुताबिक, शुरुआत में इसके लिए सहमति दी गई, लेकिन बाद में कहा गया कि कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी। कांग्रेस नेता ने बताया कि इसके बाद विपक्षी दलों ने 30 अक्टूबर का कार्यक्रम रामलीला मैदान में आयोजित करने का फैसला किया। उनके अनुसार, मैदान को 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक के लिए बुक कराया गया है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि यहां भी कार्यक्रम आयोजित करने में पुलिस की ओर से अड़चनें डाली जा रही हैं।
मोदी-शाह पर लगाए आरोप, बोले- अभियान जारी रहेगा
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम की अनुमति से जुड़ी दिक्कतें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर पैदा की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लोगों की आवाज और राजनीतिक दलों को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष पीछे नहीं हटेगा। कांग्रेस महासचिव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि सरकार कितनी जगहों पर अनुमति रोकेगी और कितने लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने से रोकेगी। वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार पर चुनाव प्रणाली को ‘नष्ट’ करने और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वालों को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर अपना अभियान जारी रखेगा।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रणाली में सुधार तक संघर्ष का दावा
वेणुगोपाल ने कहा कि दिल्ली में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कई स्थान उपलब्ध हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष अमित शाह के घर या प्रधानमंत्री के आवास पर भी कार्यक्रम कर सकता है। कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि विपक्ष का अभियान तब तक नहीं रुकेगा, जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते और चुनाव प्रणाली को दुरुस्त नहीं किया जाता। उनके बयान से साफ है कि विपक्ष 30 अक्टूबर के प्रस्तावित कार्यक्रम और एक नवंबर की रैली के जरिए ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। हालांकि, कार्यक्रम की अनुमति को लेकर लगाए गए आरोप वेणुगोपाल के दावे हैं। इस मामले में पुलिस या केंद्र सरकार का पक्ष इस खबर में उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
Click Here👉खरगे की टिप्पणी पर दिल्ली में भाजपा का प्रदर्शन, हर्ष मल्होत्रा समेत कई नेता हिरासत में

