Mahendragarh News: हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती मीना परमार ने मंगलवार को हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ का दौरा किया और विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा संकाय सदस्यों के साथ संवाद किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, नेतृत्व विकास, छात्र कल्याण एवं परिसर में महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित विषयों पर चर्चा करना था।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने कार्यक्रम के लिए अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं तथा लैंगिक समानता, महिला सशक्तिकरण और समावेशी शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देने के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई।
श्रीमती मीना परमार का विश्वविद्यालय की प्रथम महिला एवं संस्थान नवाचार परिषद (आईआईसी) की अध्यक्ष प्रो. सुनीता श्रीवास्तव, कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. रेणु यादव, महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ की संयोजिका प्रो. पी. विद्युल्लता पेद्दिरेड्डी तथा आंतरिक शिकायत समिति की प्रभारी प्रो. कल्पना चौहान ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मीना परमार ने छात्राओं एवं महिला शोधार्थियों को केवल नौकरी प्राप्त करने तक अपनी आकांक्षाएँ सीमित न रखने, बल्कि उद्यमी, नवप्रवर्तक और रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर उत्पन्न कर सकें। उन्होंने आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, आर्थिक आत्मनिर्भरता तथा राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के महत्व पर विशेष बल दिया।
विश्वविद्यालय की प्रथम महिला प्रो. सुनीता श्रीवास्तव ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में छात्राओं के लिए समर्पित छात्रावास सुविधाएँ, छात्र कल्याण व्यवस्थाएँ, लैंगिक संवेदनशीलता कार्यक्रम तथा शैक्षणिक एवं नेतृत्व विकास के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये पहल छात्राओं को सुरक्षित, समावेशी एवं सहयोगपूर्ण वातावरण प्रदान करती हैं, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध संस्थागत सुविधाओं, प्रशासनिक सहयोग तथा उनकी समस्याओं के समाधान हेतु स्थापित व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. रेणु यादव ने छात्रावास सुविधाओं, छात्र कल्याण संबंधी पहलों एवं शिकायत निवारण व्यवस्थाओं पर प्रकाश डालते हुए घर से दूर रहकर अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक एवं सहयोगपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ की संयोजक प्रो. पी. विद्युल्लता पेद्दिरेड्डी ने महिला सशक्तिकरण, नेतृत्व विकास एवं आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं के लिए वर्तमान में आयोजित किए जा रहे 10 दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला का उल्लेख किया।
आंतरिक शिकायत समिति की प्रभारी प्रो. कल्पना चौहान ने लैंगिक संवेदनशीलता, महिला सुरक्षा तथा यौन उत्पीड़न की रोकथाम एवं शिकायतों के निवारण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
अपने संबोधन के पश्चात मीना परमार ने वंदे मातरम् सभागार में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएच.डी. की छात्राओं और महिला शोधार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं को अपने अनुभव, आकांक्षाएँ एवं समस्याएँ खुलकर साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा नेतृत्व और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इसके उपरांत मीना परमार ने विश्वविद्यालय के महिला छात्रावासों का दौरा किया और वहाँ निवासरत छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने छात्रावास में आवासीय सुविधाओं, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। साथ ही छात्राओं को किसी भी प्रकार की समस्या अथवा कठिनाई को निःसंकोच साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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