Kalesar National Park Grassland: रघबीर सिंह, प्रताप नगर। हरियाणा के प्रसिद्ध कलेसर नेशनल पार्क में वन्यजीवों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक खान-पान और उनके स्वाभाविक आवास को संवारने के लिए वन एवं वन्यजीव विभाग ने एक अनूठी पहल की है। क्षेत्र में मानसून यानी वर्षा ऋतु के तुरंत बाद विभाग ने पार्क के भीतर बनी ‘फायर लाइन’ के हिस्सों में हैरोइंग करवाकर एक हरा-भरा और विशेष ग्रासलैंड विकसित किया है। इस विशेष प्रयोग का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कड़ाके की ठंड के दिनों में पार्क के शाकाहारी वन्यप्राणियों को अंदर ही पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक और मनपसंद प्राकृतिक आहार मिल सके।
ग्रासलैंड में लहलहा रहा पौष्टिक चारा
वन विभाग द्वारा तैयार किए गए इस नए ग्रासलैंड में वन्यजीवों के पसंदीदा चारे जैसे जवी, सरसों, गेहूं और जौ की बकायदा बुवाई की गई है। शीतकाल के इन महीनों में जब प्राकृतिक जंगलों में सूखापन बढ़ने लगता है, तब यह हरा-भरा चारा वन्यजीवों के लिए वरदान साबित हो रहा है। विभाग के इस कदम से हिरण, बारहसिंगा और अन्य शाकाहारी वन्यप्राणी सर्दियों के मौसम में भरपेट और स्वस्थ आहार प्राप्त कर रहे हैं।
मुलायम मिट्टी में अठखेलियां कर रहे वन्यजीव
विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के ठीक बाद जब फायर लाइन में हैरोइंग की गई, तो वहां की मिट्टी बेहद मुलायम और भुरभुरी हो गई। यह उपजाऊ और खुली मिट्टी वन्यजीवों के मनोरंजन और शारीरिक गतिविधियों के लिए भी खासी रोमांचक साबित हो रही है। खाने के लिए मिलने वाले ताजे चारे के साथ-साथ वन्य प्राणी इस खुली मिट्टी और रेत में लोटते, खेलते और प्रकृति का भरपूर आनंद लेते हुए देखे जा रहे हैं।
फरवरी के अंत तक चलेगी व्यवस्था, आग से सुरक्षा का भी ध्यान
वन विभाग के अनुसार, वन्यजीवों के लिए की गई यह विशेष व्यवस्था आगामी फरवरी माह तक अनवरत जारी रहेगी, ताकि सर्दियों के पूरे सीजन में उन्हें हरा चारा और अनुकूल माहौल मिलता रहे। इसके बाद, फरवरी के अंतिम सप्ताह में जैसे ही चारे की यह अवधि पूरी होगी, फायर लाइन की दोबारा हैरोइंग करवाकर पूरी तरह सफाई (क्लीयरेंस) कर दी जाएगी। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि गर्मियों के मौसम में तापमान बढ़ने पर जंगलों को आग के खतरे से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके और फायर सेफ्टी के नियमों का कड़ाई से पालन हो सके।
इस संबंध में जानकारी देते हुए वन्य जीव निरीक्षक लीलू राम ने बताया, “कलेसर नेशनल पार्क में वन्यजीवों का स्वास्थ्य, उनका संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास का रख-रखाव हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानसून के तुरंत बाद फायर लाइन में तैयार किया गया यह ग्रासलैंड सर्दियों में जानवरों को भरपूर पोषण दे रहा है। इसके साथ ही, खुली मिट्टी में उनका खेलना उनके स्वाभाविक व्यवहार को दर्शाता है। फरवरी के अंत में नियमानुसार फायर लाइन की क्लीयरेंस का काम पूरा कर लिया जाएगा।”
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