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Preeti Panwar Bhiwani: ग्लास्गो में भिवानी की बेटी प्रीति पंवार ने रचा इतिहास, बॉक्सिंग में भारत को दिलाया गोल्ड मेडल

Preeti Panwar Bhiwani: ग्लास्गो में भिवानी की बेटी प्रीति पंवार ने रचा इतिहास, बॉक्सिंग में भारत को दिलाया गोल्ड मेडल

ग्लास्गो में भिवानी की बेटी प्रीति पंवार ने रचा इतिहास, बॉक्सिंग में भारत को दिलाया गोल्ड मेडल

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AAmandeep Singh

Preeti Panwar Bhiwani: स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों का जलवा बरकरार है। भिवानी की प्रतिभावान मुक्केबाज प्रीति पंवार ने महिलाओं की 54 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा के फाइनल में एकतरफा जीत दर्ज करते हुए देश की झोली में एक और स्वर्णिम पदक डाल दिया है। यह इस प्रतियोगिता में हरियाणा का दूसरा गोल्ड मेडल है। रिंग में उतरीं प्रीति ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और कनाडाई प्रतिद्वंद्वी स्कारलेट डेलगाडो को संभलने तक का मौका नहीं दिया।

तीनों राउंड में हावी रहीं प्रीति, कनाडाई मुक्केबाज को नहीं दिया कोई मौका

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मुकाबले की शुरुआत से ही प्रीति का आत्मविश्वास चरम पर दिखा। उन्होंने तीनों राउंड में अपने सटीक और शक्तिशाली पंचों से कनाडाई बॉक्सर को बैकफुट पर धकेल दिया। इससे पहले सेमीफाइनल मुकाबले में भी प्रीति ने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया था। अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय प्रीति ने इंडियन आर्मी, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के निरंतर सहयोग को दिया है।

“पापा! देश के लिए गोल्ड लाकर ही मानूंगी” – बेटी ने पूरा किया वादा

प्रीति की इस स्वर्णिम कामयाबी के बाद उनके गृह क्षेत्र और परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। रोहतक के बहु अकबरपुर थाने में तैनात उनके पिता सोमबीर ने साथी पुलिसकर्मियों के साथ मिठाई बांटकर जश्न मनाया। उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत में भावुक होते हुए कहा कि स्कॉटलैंड जाने से पहले प्रीति ने उनसे देश के लिए हर हाल में मेडल जीतने का वादा किया था, जिसे उसने आज रिंग में साबित कर दिखाया। थाने के स्टाफ ने भी ड्यूटी के बीच टीवी पर मैच देखकर प्रीति की जीत की खुशियां मनाईं।

हरियाणा के कई अन्य बॉक्सर भी मेडल की होड़ में शामिल

प्रीति की इस स्वर्णिम शुरुआत के बाद अब भारतीय मुक्केबाजी दल की अन्य उम्मीदें भी रिंग में उतर चुकी हैं। 57 किग्रा भारवर्ग में जैस्मिन लंबोरिया नीदरलैंड की एम. वाल्स के खिलाफ अपनी बाउट खेल रही हैं। इसके अलावा भिवानी की प्रिया घनघस, साक्षी चौधरी, सचिन सिवाच के साथ-साथ हिसार की अंकुश पंघाल और हांसी के नरेंद्र बेरवाल से भी देश को स्वर्णिम पदकों की पूरी उम्मीद है।

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