Dhanteras Money Transaction Rules: हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला धनतेरस का पर्व इस बार 8 नवंबर 2026 को पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह दिन पांच दिवसीय दीपावली उत्सव का पहला और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इस शुभ अवसर पर माता लक्ष्मी, धन के कोषाध्यक्ष कुबेर देव और आरोग्य के दाता भगवान धन्वंतरि की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस की शाम यमराज के निमित्त ‘यम दीप’ जलाने से परिवार में अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और सुख-समृद्धि का वास होता है।
धनतेरस का सीधा संबंध नई वस्तुओं की खरीदारी और समृद्धि से है। इस दिन लोग सोना-चांदी, नए बर्तन, झाड़ू, खड़ा धनिया और मिट्टी के दीये बड़े चाव से खरीदते हैं। हालांकि, इस पावन दिन पर लेन-देन को लेकर लोगों के मन में अक्सर दुविधा रहती है कि क्या किसी को पैसे देने या किसी से कर्ज लेने-देने का काम करना चाहिए? आइए जानते हैं शास्त्र इस बारे में क्या दिशा-निर्देश देते हैं।
धनतेरस पर भूलकर भी न दें किसी को उधार, घर से चली जाती हैं मां लक्ष्मी
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन किसी को भी अपनी जेब या खाते से पैसे उधार नहीं देने चाहिए। इस दिन किसी को धन या नकदी देना बेहद अशुभ माना जाता है।
ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन जब साक्षात मां लक्ष्मी का घर में आगमन हो रहा होता है, तब यदि आप अपने हाथ से धन किसी दूसरे को सौंपते हैं, तो इसका अर्थ मां लक्ष्मी को घर से विदा करना माना जाता है। इससे पूरे वर्ष घर में आर्थिक तंगी बनी रह सकती है और बेवजह के खर्चों का बोझ बढ़ सकता है।
नकद का दान करने से बचें, लेकिन पुरानी उधारी चुकाना है बेहद फलदायी
धनतेरस के मौके पर नकद रुपये या सोने-चांदी के सिक्कों का सीधे दान करने से भी बचना चाहिए। हालांकि, इसका एक दूसरा पहलू भी है जो बेहद शुभ फल देने वाला है। यदि आपने किसी से पहले का कोई कर्ज या उधारी ले रखी है, तो उसका भुगतान करने के लिए धनतेरस का दिन सबसे उत्तम माना गया है।
शास्त्रों के मुताबिक, इस दिन पुराना बकाया बिल या कर्ज चुकाने से इंसान कर्ज के दलदल से मुक्त होता है और उसके जीवन में धन के नए मार्ग खुलते हैं। वहीं, दुकान से अपनी जरूरत का सामान या नई चीजें खरीदने के लिए नकद भुगतान करने पर कोई मनाही नहीं है, क्योंकि यह खरीदारी संपत्ति के विस्तार की प्रतीक है।
नकद ही नहीं, इन चीजों का लेनदेन भी माना जाता है वर्जित
धनतेरस पर केवल पैसों के लेनदेन पर ही बंदिश नहीं है, बल्कि दैनिक उपयोग की कई अन्य वस्तुओं का आदान-प्रदान भी शास्त्रों में वर्जित बताया गया है। इस दिन नमक, सरसों का तेल, देशी घी, चीनी, लोहा, कांच और कोई भी नुकीली या धारदार वस्तु (जैसे चाकू-कैंची) न तो किसी को उधार देनी चाहिए और न ही किसी से मुफ्त में लेनी चाहिए।
मान्यता है कि इन वस्तुओं के अवांछित लेनदेन से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और परिवार के सदस्यों के बीच कलह की स्थिति पैदा होती है। इसलिए धनतेरस पर केवल नई वस्तुओं की शुभ खरीदारी करें और उधारी के किसी भी चक्र से दूर रहें।
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