Punjab BJP Nasha Mukt Punjab Yatra : आगामी राजनीतिक सरगर्मी और विधानसभा चुनावों की आहट के बीच भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब में नशे के नासूर के खिलाफ एक बहुत बड़ा सियासी और सामाजिक शंखनाद कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पठानकोट से चार चरणों में चलने वाली इस ऐतिहासिक ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ का विधिवत शुभारंभ कर दिया है।
इस दौरान जनता की सीधी भागीदारी के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, जबकि इस 13 दिवसीय यात्रा का समापन 30 सितंबर को जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की विशाल रैली के साथ होगा।
4 हजार किलोमीटर का सफर तय करेंगे बीजेपी के रथ
पंजाब की धरती पर नशे की गंभीर समस्या को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए अब भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रणनीति अपना ली है। पार्टी की इस बहुप्रतीक्षित मुहिम का आगाज पठानकोट से हो चुका है, जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने न सिर्फ हरी झंडी दिखाई बल्कि एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर भी लॉन्च किया ताकि आम लोग सीधे तौर पर इस अभियान से जुड़ सकें।
तय रूट प्लान के मुताबिक, यह पूरी यात्रा अगले 13 दिनों तक पंजाब के कोने-कोने में घूमेगी और कुल 4 हजार किलोमीटर की लंबी दूरी तय करते हुए राज्य के सभी 117 विधानसभा हलकों से होकर गुजरेगी। पार्टी का मुख्य उद्देश्य हर गांव और हर शहर तक पहुंचकर युवाओं को ड्रग्स के खिलाफ जागरूक करना है।
चारों यात्राओं का अलग-अलग तय किया गया है रूट
इस महाअभियान को बेहद व्यवस्थित रूप दिया गया है, जिसके तहत अलग-अलग तारीखों पर चार अलग-अलग दिशाओं से रथयात्राएं निकाली जाएंगी। पहली यात्रा पठानकोट से शुरू होकर सुजानपुर, तरनतारन, खडूर साहिब, पट्टी, फिरोजपुर, जीरा और सुल्तानपुर लोधी समेत 38 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करते हुए जालंधर पहुंचेगी।
इसके बाद 19 सितंबर को श्री फतेहगढ़ साहिब से दूसरी यात्रा निकलेगी जो 24 विधानसभा हलकों से गुजरेगी। तीसरी यात्रा 20 सितंबर को फाजिल्का के ऐतिहासिक सादिकी बॉर्डर से शुरू होगी और श्री मुक्तसर साहिब, मलोट व जलालाबाद को साधते हुए आगे बढ़ेगी।
वहीं, चौथी और अंतिम यात्रा 21 सितंबर को तलवंडी साबो से रवाना होगी। इन सभी का भव्य समापन 30 सितंबर को जालंधर की एक मेगा रैली में होगा।
पंजाब में होम डिलीवरी हो रही है नशे की: केवल सिंह ढिल्लों
यात्रा के शुभारंभ के दौरान राजनीतिक बयानबाजी भी पूरी तरह से गरमाई नजर आई। पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य की मौजूदा कानून व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र पर तीखे हमले किए। नेता केवल सिंह ढिल्लों ने संगरूर के गुलजार सिंह प्रकरण का हवाला देते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए कि व्यवस्था से सवाल पूछने वाले हर शख्स की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो पंजाब कभी देश भर में विकास के मामले में शीर्ष पर हुआ करता था, वह आज पिछड़कर 22वें पायदान पर आ गिरा है। ढिल्लों ने आरोप लगाया कि राज्य में आज हालात यह हैं कि गलियों और मोहल्लों में नशे की होम डिलीवरी धड़ल्ले से हो रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान विरोधी हथकंडे अपनाकर या अंडे फेंककर बीजेपी को नशा विरोधी इस मुहिम से पीछे नहीं हटा सकते।

