Faridkot Arms Smuggling : फरीदकोट में इंटरनेशनल हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 10 पिस्तौल और कारतूस बरामद
फरीदकोट में इंटरनेशनल हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 10 पिस्तौल और कारतूस बरामद
Faridkot Arms Smuggling : फरीदकोट पुलिस ने जेल के भीतर से संचालित हो रहे एक अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी रैकेट की कमर तोड़ दी है। सीआईए स्टाफ की टीम ने सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अमृतसर के रहने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से 10 अत्याधुनिक और देसी पिस्तौल के साथ 20 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का सरगना फिलहाल जेल में बंद है और ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हथियार मंगवाए जा रहे थे।
जेल के अंदर से चल रहा था हथियारों का खतरनाक खेल
पंजाब में आपराधिक और आतंकी सिंडिकेट के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियानों के बीच फरीदकोट पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। डीजीपी गौरव यादव और आईजी फरीदकोट रेंज नीलाबरी जगदले के दिशा-निर्देशों के तहत एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस की अगुवाई में पुलिस ने यह कार्रवाई को अंजाम दिया है।
एसपी (इन्वेस्टिगेशन) नरिंदर सिंह और डीएसपी (इन्वेस्टिगेशन) अवतार सिंह की निगरानी में सीआईए स्टाफ की टीम ने जाल बिछाकर इस गैंग के गुर्गों को धर दबोचा। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना दीप सिंह उर्फ दीपक है, जो अमृतसर के रौरवांवाली (अटारी) का रहने वाला है और फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे बंद है। जेल में रहते हुए भी वह अपने नेटवर्क के जरिए अवैध हथियारों की डील कर रहा था।
कैनाल ब्रिज के पास नाकाबंदी के दौरान धरे गए आरोपी
यह पूरा वाकया 16 सितंबर 2026 का है, जब सीआईए स्टाफ के सहायक सब-इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह कोटकपूरा रोड ब्रिज कैनाल के पास गश्त कर रहे थे। उसी दौरान एक खास मुखबिर से सूचना मिली कि सेंट्रल मॉडर्न जेल के नजदीक तलवंडी भाई रोड पर कुछ संदिग्ध लोग भारी मात्रा में हथियारों के साथ मौजूद हैं।
पुलिस ने बिना वक्त गंवाए तुरंत घेराबंदी की और दो युवकों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजबीर सिंह उर्फ अमित (21 वर्ष) और अमर सिंह उर्फ अमर (25 वर्ष) के रूप में हुई है, जो दोनों ही अमृतसर के छेहरटा इलाके के रहने वाले हैं।
जियाना और आधुनिक पिस्तौल समेत भारी जखीरा बरामद
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की जब तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। उनके पास से हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ। बरामद हथियारों में 3 अत्याधुनिक जिगाना .30 बोर पिस्टल, 1 PX-5 स्टॉर्म .30 बोर पिस्टल, 2 देसी .32 बोर पिस्टल और 4 देसी .30 बोर पिस्टल शामिल हैं।
इसके अलावा 20 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने थाना सिटी फरीदकोट में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का मानना है कि ये हथियार ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से मंगवाए गए थे, जिन्हें पंजाब के अलग-अलग बदमाशों तक पहुंचाया जाना था।
बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक्स खंगाल रही पुलिस
एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी के तार कहां-कहां जुड़े हैं, इसका पता लगाने के लिए गहन पूछताछ की जा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जेल में बंद सरगना तक मोबाइल या अन्य संचार साधन कैसे पहुंचे और सीमा पार बैठे किन तस्करों के साथ उनका सीधा संपर्क था। आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े कुछ और बड़े खुलासे होने की पूरी उम्मीद है।
