Punjab News: पंजाब में नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब और तेज होता दिखाई दे रहा है। शनिवार को जालंधर में बड़ी संख्या में Gen-Z छात्र जिला प्रशासन के खिलाफ सड़क पर उतर आए। छात्र पोस्टर और बैनर लेकर जिला प्रशासनिक परिसर (डीसी कार्यालय) के बाहर धरने पर बैठ गए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। जालंधर के डीसी कॉम्प्लेक्स के बाहर सुबह से ही छात्रों का जुटना शुरू हो गया था। कुछ ही देर में प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती गई और उन्होंने परिसर के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से धरना शुरू कर दिया। पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर रखे थे ताकि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
डीसी कार्यालय के बाहर बैठे छात्र, बोले- इस्तीफा लेकर ही मानेंगे
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने हाथों में पोस्टर लेकर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नीट पेपर लीक जैसे मामलों ने देशभर के लाखों छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली से कमजोर किया है। छात्रों ने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और मामले में जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनका विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन खत्म नहीं किया जाएगा।
जालंधर में प्रशासन अलर्ट, डीसी कॉम्प्लेक्स के चारों ओर सुरक्षा बढ़ाई गई
छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए जालंधर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। डीसी कार्यालय के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल पर लगातार निगरानी बनाए रखी ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या अप्रिय स्थिति पैदा न हो। प्रशासन ने यातायात को सुचारु रखने के लिए कुछ मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट भी किया, जिससे आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।
BKU (उगराहां) ने छात्रों के समर्थन में दिल्ली कूच का ऐलान किया
छात्र आंदोलन के बीच भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) ने भी बड़ा ऐलान किया है। संगठन के नेता जोगिंदर उगराहां ने कहा कि किसान संगठन 27 जुलाई को छात्रों के समर्थन में दिल्ली कूच करेगा। उन्होंने कहा कि छात्र एक महीने से अधिक समय से जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में किसानों का संगठन उनके साथ खड़ा रहेगा और दिल्ली पहुंचकर अपना समर्थन दर्ज कराएगा। उनके इस बयान के बाद आंदोलन को व्यापक सामाजिक समर्थन मिलने की चर्चा भी तेज हो गई है।
छात्र आंदोलन को मिल रहा विभिन्न संगठनों का समर्थन
पंजाब में चल रहे इस आंदोलन को लेकर विभिन्न सामाजिक और छात्र संगठनों की नजर बनी हुई है। किसान संगठन के समर्थन के ऐलान के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में आंदोलन का दायरा और बढ़ सकता है। हालांकि, अभी तक प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण बना रहे। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से संवाद बनाए हुए है और स्थिति पर नजर रख रही है।
नीट पेपर लीक विवाद के बाद बढ़ा छात्रों का आक्रोश
नीट पेपर लीक विवाद के बाद देश के कई हिस्सों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। पंजाब में भी इसी मुद्दे को लेकर छात्र लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। जालंधर का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है। छात्रों का कहना है कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसी मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।
आगे की रणनीति पर रहेगी नजर
छात्रों के प्रदर्शन और BKU (उगराहां) की ओर से दिल्ली कूच के ऐलान के बाद अब आने वाले दिनों की गतिविधियों पर सभी की नजर रहेगी। यदि किसान संगठन और अन्य समूह भी आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल होते हैं तो इसका असर पंजाब के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे सकता है। फिलहाल जालंधर में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है।

