Ludhiana Godown Fire: पंजाब की आर्थिक राजधानी लुधियाना के घनी आबादी वाले फील्डगंज इलाके में शुक्रवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। यहां कूचा नंबर 10 स्थित ढाई मंजिला इमारत में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत इसकी चपेट में आ गई। आग की ऊंची लपटों के साथ पूरे इलाके में धुएं का घना गुबार फैल गया। जानकारी के अनुसार, इमारत के निचले हिस्से में रेडीमेड गारमेंट्स का शोरूम था, जबकि ऊपरी मंजिल पर पटाखों का गोदाम बनाया गया था। आग लगते ही गोदाम में रखे पटाखे जोरदार धमाकों के साथ फटने लगे। एक के बाद एक हो रहे धमाकों से बाजार में अफरा-तफरी मच गई। आसपास की दुकानों में मौजूद लोग बाहर निकल आए और इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पटाखों के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। इमारत से उठती लपटें और धमाकों की आवाज दूर तक सुनाई देने लगी। घनी आबादी और दुकानों से घिरे इस बाजार में आग ने आसपास के लोगों की चिंता बढ़ा दी।
आप नेता गोल्डी सब्बरवाल के भतीजे साहिल की मौत, दीवार गिरने से हुआ हादसा
इस हादसे में आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता गोल्डी सब्बरवाल के भतीजे साहिल सब्बरवाल की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, इमारत की दूसरी मंजिल पर किचन के साथ एक कमरा बना हुआ था। इसी जगह पटाखों का स्टॉक रखा गया था। साहिल भी उस समय वहां पहुंचा हुआ था। पुलिस के अनुसार, आग लगने के बाद साहिल गोदाम के अंदर एक किनारे पर खड़ा हो गया। इसी दौरान अचानक वहां की दीवार गिर गई और वह उसकी चपेट में आ गया। हादसे में उसकी जान चली गई। आग और पटाखों के धमाकों के बीच दीवार गिरने से स्थिति और गंभीर हो गई। साहिल के पिता भी घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह घुमार मंडी में काम करते हैं। जैसे ही उन्हें आग लगने की सूचना मिली, वह तुरंत वहां पहुंचे। मौके पर पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि उनके बेटे के साथ हादसा हो गया है। बेटे की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
त्योहारों की भीड़ के कारण दमकल गाड़ियों को पहुंचने में हुई परेशानी
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के साथ राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। हालांकि, त्योहारों का सीजन होने के कारण बाजार में काफी भीड़ थी। संकरी और व्यस्त बाजार वाली जगह पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। पटाखों के लगातार फटने के कारण दमकल कर्मियों के लिए आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण हो गया। गोदाम में रखे पटाखों के धमाकों के बीच राहत और बचाव कार्य जारी रहा। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास का इलाका घेर लिया, ताकि लोग आग वाली जगह के करीब न पहुंचें और बचाव कार्य में बाधा न आए। घनी आबादी के बीच स्थित इमारत में आग फैलने से आसपास की दुकानों और इमारतों को भी खतरा पैदा हो गया। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर हालात संभालने में जुटी रहीं।
आग लगने के कारणों की जांच
शुरुआती जांच में सामने आया है कि रिहायशी इलाके में अवैध रूप से पटाखे स्टोर किए गए थे। इसी भंडारण को हादसे की गंभीरता से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, इमारत की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में पटाखों का स्टॉक रखा हुआ था। हालांकि, आग सबसे पहले कैसे लगी और गोदाम में कितनी मात्रा में पटाखे रखे गए थे, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद सामने आएगी।
सूत्रों के मुताबिक, यह इमारत आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता गोल्डी सब्बरवाल की है। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पटाखों के भंडारण से जुड़े नियमों और जरूरी अनुमति के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फील्डगंज जैसे घनी आबादी वाले और व्यस्त बाजार में पटाखों के गोदाम में आग लगने और एक युवक की मौत ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब आग लगने के कारणों, पटाखों के भंडारण और हादसे के दौरान हुई घटनाओं की जांच कर रही है।
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