Punjab Police CASO: पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान के तहत लुधियाना पुलिस ने शहर में एक साथ 8 जगहों पर कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) चलाया। इस कार्रवाई में 25 जीओ रैंक अधिकारी खुद मैदान में मौजूद रहे। पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान नशे से संबंधित करीब 50 लोगों को पकड़ा गया है और अब तक 15 से 20 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ नशे की लत से जूझ रहे लोगों को इलाज तक पहुंचाना भी है। डीसीपी रूपिंदर सिंह ने बताया कि पकड़े गए लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। जो लोग नशे के आदी पाए जाएंगे, उन्हें नशा छुड़ाने के लिए केंद्रों में भेजा जाएगा। वहीं, नशे की तस्करी या बिक्री में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऑपरेशन के दौरान कितनी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए हैं, इसकी विस्तृत जानकारी पुलिस बाद में जारी करेगी।
10 दिन पहले चिह्नित किए गए थे नशे के हॉटस्पॉट
लुधियाना पुलिस ने इस कार्रवाई के लिए शहर के उन इलाकों पर खास ध्यान दिया, जिन्हें नशे की समस्या के लिहाज से हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया था। इन जगहों की पहचान करीब 10 दिन पहले की गई थी। उस दौरान पुलिस के साथ सिविल प्रशासन और मेडिकल स्टाफ भी मौजूद रहा था। टीमों ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर फीडबैक लिया और नशे की बिक्री तथा इससे जुड़ी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। इसी इनपुट के आधार पर संवेदनशील इलाकों की पहचान कर कार्रवाई की योजना बनाई गई। इस तरह पुलिस ने केवल नियमित गश्त के बजाय पहले से चिह्नित स्थानों पर विशेष तलाशी अभियान चलाया। पुलिस की इस कार्रवाई में नशे से जुड़े लोगों की पहचान करने और उनकी गतिविधियों की जांच करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय लोगों से मिली जानकारी नशे की समस्या वाले इलाकों तक पहुंचने में मददगार रही।
उत्तरी, पूर्वी और केंद्रीय विधानसभा हलकों पर विशेष फोकस
डीसीपी रूपिंदर सिंह के मुताबिक, उत्तरी, पूर्वी और केंद्रीय विधानसभा हलकों में नशे की अधिक बिक्री होने की सूचनाएं मिली थीं। इसके बाद पुलिस ने इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए अभियान चलाया। अलग-अलग स्थानों पर टीमों ने तलाशी ली और नशे से संबंधित गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में लोगों को पकड़ा। ऑपरेशन में 25 जीओ रैंक अधिकारियों की मौजूदगी से कार्रवाई का दायरा बड़ा रहा। पुलिस का उद्देश्य नशे की बिक्री और सप्लाई से जुड़े लोगों तक पहुंचना तथा उन स्थानों पर निगरानी बढ़ाना है, जहां से नशे की गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस ने अब तक 15 से 20 मामले दर्ज करने की जानकारी दी है। हालांकि, इन मामलों में किस तरह के अपराध दर्ज किए गए हैं और कितनी बरामदगी हुई है, इसका पूरा ब्योरा अभी जारी नहीं किया गया है। पुलिस ने कहा है कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द साझा की जाएगी।
नशा तस्करों पर कार्रवाई के साथ नशे के आदी लोगों के इलाज पर जोर
पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशे से जुड़े हर व्यक्ति के खिलाफ एक जैसी कार्रवाई नहीं की जाएगी। नशे की तस्करी या बिक्री में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत केस दर्ज किया जाएगा। वहीं, नशे की लत से जूझ रहे लोगों को इलाज और नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य नशे की सप्लाई पर रोक लगाने के साथ उन लोगों को भी मदद देना है, जिन्हें नशे की लत के कारण उपचार की जरूरत है। पुलिस की जांच में यह भी देखा जाएगा कि पकड़े गए लोगों की भूमिका क्या रही और क्या उनका संबंध नशा बेचने वाले नेटवर्क से है। लुधियाना पुलिस के मुताबिक, CASO के दौरान हुई बरामदगी, दर्ज मामलों और आगे की कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा जल्द जारी किया जाएगा। फिलहाल शहर के चिह्नित हॉटस्पॉट पर कार्रवाई के जरिए नशे से जुड़ी गतिविधियों पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है।
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