Shahabad student death case: कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद के अंतर्गत आने वाले धंतौड़ी गांव के बाशिंदे संजीव कुमार इन दिनों जिस दर्द से गुजर रहे हैं, उसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। वे पिछले दस महीनों से अपनी 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 वर्षीय बेटी पायल की संदिग्ध मौत का सच खंगालने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। एक तरफ जहां इस हादसे ने परिवार से उनकी लाडली को छीन लिया, वहीं दूसरी तरफ स्कूल प्रबंधन की कथित संदिग्ध भूमिका ने पिता के शक को और गहरा कर दिया है। हार थककर जब न्याय की उम्मीद टूटने लगी, तो परिवार ने ग्रीवांस कमेटी का दरवाजा खटखटाया, जहां से अब जाकर उन्हें इंसाफ की एक धुंधली सी किरण दिखाई दी है।
खराब मौसम में मना करने के बावजूद ले गए थे टूर पर
पायल के पिता संजीव कुमार पेशे से एक दुकान पर वेल्डिंग का काम कर परिवार का गुजारा चलाते हैं। उन्होंने बताया कि इसी साल 2 जनवरी को पायल का जन्मदिन था और वह एक निजी स्कूल में पढ़ती थी। साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी को स्कूल की तरफ से राजस्थान के खाटूश्याम के लिए एक धार्मिक टूर प्लान किया गया था। उन दिनों कड़ाके की ठंड और खराब मौसम को देखते हुए सरकार ने स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर रखी थीं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए संजीव ने अपनी बेटी को टूर पर भेजने से साफ इनकार कर दिया था। आरोप है कि इसके बावजूद स्कूल प्रिंसिपल के घर तक पहुंचे और यह कहते हुए दबाव बनाया कि यदि पायल नहीं गई तो उसकी सहेलियां भी नहीं जाएंगी और पूरा टूर रद्द करना पड़ेगा। दबाव के आगे बेबस पिता को अपनी बेटी को भेजना पड़ा।
जन्मदिन के दिन ही मिली मौत की मनहूस खबर
1 जनवरी को स्कूल की गाड़ी पायल समेत अन्य बच्चों और स्टाफ को लेकर रवाना हुई थी। परिवार को क्या पता था कि यह विदाई हमेशा के लिए आखिरी साबित होगी। 2 जनवरी यानी पायल के जन्मदिन के दिन परिवार उससे बात करने के लिए बेचैन था। माता-पिता लगातार क्लास टीचर और प्रिंसिपल को फोन मिलाते रहे, लेकिन किसी ने भी उनकी बेटी से बात नहीं कराई। जब उन्होंने बस के ड्राइवर जयकरण से संपर्क किया, तो उसने अपनी दोनों टांगें टूटने और अस्पताल में भर्ती होने की गोलमोल बात कही। आखिरकार, पायल के ताऊ सुभाष चंद के मोबाइल पर उसकी मौत की मनहूस खबर पहुंची। परिवार जब सरपंच व अन्य लोगों के साथ खाटूश्याम पहुंचा, तो वहां स्कूल प्रबंधन का कोई भी नुमाइंदा मौजूद नहीं था।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
शुरुआत में परिवार को घटना की पूरी जानकारी नहीं थी, जिसके चलते ताऊ की शिकायत पर राजस्थान के खाटूश्याम थाने में दुर्घटना के तहत मामला दर्ज कर लिया गया था। लेकिन समय बीतने के साथ शक गहराता गया। संजीव का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पायल के सिर के बाईं ओर गंभीर चोट और फ्रैक्चर की बात सामने आई थी। उनका आरोप है कि यह महज सड़क हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है। उन्होंने राजस्थान पुलिस, हरियाणा पुलिस और प्रधानमंत्री कार्यालय तक गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। यहां तक कि डर और सदमे के कारण उन्होंने अपने बेटे जश्न को भी उसी स्कूल से तुरंत निकाल लिया।
एसडीएम की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित
कुरुक्षेत्र की जिला ग्रीवांस कमेटी की बैठक में यह मामला प्रमुखता से उठाया गया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने तुरंत एक विशेष जांच कमेटी का गठन कर दिया है। शाहाबाद के एसडीएम शंभू राठी को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। प्रशासनिक अमला अब आगामी 28 अक्टूबर को सीधे पीड़ित परिवार के घर पहुंचेगा और ग्राउंड जीरो पर जाकर पूरे घटनाक्रम की फाइल खंगालेगा, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर उस रात खाटूश्याम मार्ग पर क्या हुआ था।
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