Rajasthan Weather: राजस्थान में मानसून तेज, कई जिलों में झमाझम बारिश, अलवर की सड़कें जलमग्न
राजस्थान में मानसून तेज
Rajasthan Weather: राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में गुरुवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे लंबे समय से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। बारिश का सबसे सकारात्मक असर जल संसाधनों और कृषि क्षेत्र पर दिखाई देने लगा है। कई छोटे-बड़े जलाशयों में पानी की आवक बढ़ रही है, जबकि खरीफ फसलों के लिए भी यह बारिश लाभदायक मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश होती रही तो जल भंडारण की स्थिति में भी सुधार होगा।
अलवर में सुबह तेज बारिश, कई इलाकों में जलभराव
राजस्थान के अलवर जिले में गुरुवार सुबह करीब 8:15 बजे हल्की बारिश शुरू हुई, जो कुछ ही मिनटों बाद तेज बरसात में बदल गई। करीब आधे घंटे तक हुई झमाझम बारिश से शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया। सुबह 11 बजे के बाद बारिश की तीव्रता कम होकर बूंदाबांदी तक सीमित रह गई, लेकिन तब तक कई निचले इलाकों में जलभराव हो चुका था। बुद्ध विहार, टेलको चौराहा, जेल चौराहा और शहर के मुख्य बाजारों में पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़कें पानी से लबालब नजर आईं। वहीं बुधवार शाम हुई बारिश के कारण पहले से भरे कुछ इलाकों में पानी की निकासी भी धीमी रही।
ग्रामीण इलाकों में भी अच्छी बरसात, किसानों के चेहरे खिले
अलवर शहर के साथ-साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी मानसून ने अच्छी बारिश दी। तुलेड़ा, अकबरपुर, अहमदपुर, सिलीसेढ़, गरबाजी, सीरावास, मालाखेड़ा, डेहर, शाहपुरा और चांदोली सहित कई इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी पहुंचा है। खरीफ सीजन की फसलों के लिए यह बारिश काफी अहम मानी जा रही है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई इस बरसात से सिंचाई पर निर्भरता कम होगी और फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम अनुकूल रहा तो उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
किशनकुंड का झरना बहा, सागर जलाशय में बढ़ी पानी की आवक
लगातार बारिश के बाद अरावली की पहाड़ियों से उतरने वाला पानी किशनकुंड के रास्ते तेज बहाव के साथ सागर जलाशय की ओर पहुंचने लगा है। बरसाती पानी के चलते जलाशय में आवक बढ़ गई है और जलस्तर में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है। किशनकुंड का झरना बहने से आसपास का प्राकृतिक दृश्य भी आकर्षण का केंद्र बन गया है। स्थानीय लोग सुरक्षित दूरी से इस नजारे को देखने पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने हालांकि लोगों से बरसाती नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
गरबाजी और सिलीसेढ़ क्षेत्र में भी बढ़ा जल प्रवाह
गरबाजी क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद पहाड़ियों से निकलने वाले झरने पूरे वेग से बह रहे हैं। इन पहाड़ी जलधाराओं का पानी नदी-नालों के जरिए लगातार सिलीसेढ़ झील में पहुंच रहा है। सिलीसेढ़, सीरावास और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार शाम से शुरू हुई बारिश गुरुवार सुबह भी जारी रही। मानसून सीजन में इस क्षेत्र की यह पहली व्यापक और प्रभावी बारिश मानी जा रही है। इससे झील के जलस्तर में आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
एक घंटे की बारिश ने खोल दी शहर की व्यवस्थाओं की पोल
बुधवार शाम करीब एक घंटे हुई तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। कई प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर बाइकें पानी में बंद हो गईं और लोगों को वाहनों को धक्का लगाकर निकालना पड़ा। गुरुवार सुबह दोबारा हुई बारिश के बाद कई इलाकों में फिर जलभराव की स्थिति बनने लगी। लगातार बारिश के बीच नागरिकों को ट्रैफिक और आवाजाही में सावधानी बरतने की जरूरत महसूस हुई।
मौसम विभाग ने 9 अगस्त तक जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां अभी जारी रहेंगी। अलवर सहित आसपास के क्षेत्रों में 6 से 9 अगस्त तक तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है।
8 और 9 अगस्त को भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।
बारिश से जल संसाधनों को मिलेगा सहारा
राजस्थान के कई हिस्सों में इस बार मानसून की शुरुआत अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही थी, लेकिन अगस्त के पहले सप्ताह में बारिश का दायरा बढ़ने से जलाशयों, बांधों और तालाबों में पानी पहुंचना शुरू हो गया है। इसका सीधा फायदा पेयजल व्यवस्था और कृषि क्षेत्र दोनों को मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में भी इसी तरह बारिश जारी रहती है तो प्रदेश के कई जिलों में भूजल स्तर सुधारने के साथ-साथ जल संकट वाले क्षेत्रों को भी राहत मिल सकती है।
