Rewari News: हरियाणा के रेवाड़ी शहर के हंस नगर में बीते रविवार (5 जुलाई) को हुए रहस्यमयी धमाके ने हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है। सफदरजंग अस्पताल दिल्ली में जिंदगी की आखिरी सांसें गिन रहे गृहस्वामी व पूर्व सैनिक सतबीर चौहान की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई।
इससे पहले, उनकी 28 वर्षीय बेटी तन्नु ने गुरुवार की शाम इसी अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इस दोहरी मौत से चौहान परिवार और उनके पैतृक गांव टांकड़ी में कोहराम मच गया है। इस बीच, मॉडल टाउन थाना पुलिस ने इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के कर्मचारियों के खिलाफ घोर लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर जांच के दायरे को बढ़ा दिया है।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं, 90 फीसदी झुलस चुकी थी बेटी
यह हादसा इस मायने में और अधिक हृदयविदारक है क्योंकि सतबीर चौहान की बेटी तन्नु की हाल ही में मंगनी हुई थी और आगामी 25 नवंबर को उसकी शादी तय थी।
पूरा परिवार शादियों की तैयारियों में जुटा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। डॉक्टरों के मुताबिक, धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि तन्नु करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गई थी, जिसके कारण उसे बचाया नहीं जा सका। शुक्रवार की शाम ही नम आंखों से पैतृक गांव टांकड़ी में तन्नु का अंतिम संस्कार किया गया था, और इसके अगले ही दिन पिता सतबीर भी संसार छोड़ गए। हादसे में सतबीर 70 फीसदी, पड़ोसी जयभगवान 60 फीसदी और एक दो साल की मासूम बच्ची 50 फीसदी से ज्यादा झुलसी हुई है।
प्रेस का स्विच ऑन करते ही पूरा घर बना आग का गोला
सतबीर चौहान की पत्नी मधु ने पुलिस को दिए बयान में उस खौफनाक मंजर की दास्तान बयां की है। मधु ने बताया, “5 जुलाई की शाम मेरे पति सतबीर और पड़ोसी जयभगवान बाहर चारपाई पर बैठकर चाय पी रहे थे। उनके हटने के बाद मैं बर्तन साफ करने रसोई में चली गई।
इसी बीच बेटी तन्नु अपने भाई आकाश की कंपनी वाली यूनिफॉर्म को प्रेस करने के लिए जैसे ही आगे बढ़ी और स्विच ऑन किया, अचानक एक जोरदार धमाका हुआ। पलक झपकते ही पूरा घर आग की लपटों में घिर गया।” मधु के मुताबिक, हादसे से ठीक पहले उनके पति ने घर के मुख्य गेट के पास गैस की तेज बदबू आने की बात कही थी।
टेस्टिंग के दौरान पाइपलाइन खुली छोड़ने का आरोप, आईजीएल की बढ़ी मुश्किलें
शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि आईजीएल (IGL) कंपनी द्वारा इलाके में की जा रही पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की टेस्टिंग के दौरान भारी लापरवाही बरती गई। कर्मचारियों ने कथित तौर पर मुख्य पाइपलाइन को खुला छोड़ दिया था, जिससे रिसकर भारी मात्रा में गैस सतबीर चौहान के घर के कमरों और कोनों में जमा हो गई।
बिजली का स्विच ऑन होते ही स्पार्क हुआ और पूरी गैस ने बारूद की तरह काम किया। धमाका इतना जबरदस्त था कि घर के दरवाजे, खिड़कियां और टाइलें तक उखड़कर सड़क पर आ गिरीं, जबकि घर में रखे सिलेंडर, फ्रिज और बाइक पूरी तरह सुरक्षित मिले।
पुलिस ने दर्ज किया केस, डीएसपी बोले- फॉरेंसिक रिपोर्ट से साफ होगी तस्वीर
धमाके के तुरंत बाद आईजीएल के अधिकारी मामले पर चुप्पी साधे हुए थे, लेकिन अब पीड़ित परिवार की शिकायत और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कंपनी के स्टाफ पर कानूनी शिकंजा कस दिया है।
डीएसपी सुरेंद्र श्योरण ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंच गई थीं। शुरुआती जांच में आसपास की पीएनजी पाइपलाइन से गैस लीकेज होना ही धमाके की मुख्य वजह नजर आ रहा है। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद कंपनी के दोषी कर्मचारियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
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