Rohtak News: हरियाणा के रोहतक जिले के महम कस्बे में 12 अक्टूबर को भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सतबीर पर हुए कथित हमले का मामला अब पूरी तरह उलझता नजर आ रहा है। (Rohtak Meham News Today) शुरुआती तौर पर इसे एकतरफा जानलेवा हमला माना जा रहा था, लेकिन अब आरोपी पक्ष के सामने आने के बाद इसमें बड़ा मोड़ आ गया है।
जिन लोगों पर सतबीर ने हमले के गंभीर आरोप लगाए हैं, उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने बयान का वीडियो जारी कर भाजपा नेता पर ही पैसों की उगाही, आर्म्स लाइसेंस के नाम पर धोखाधड़ी करने और पार्टी की धौंस जमाने के कई संगीन आरोप जड़ दिए हैं। हालांकि, सतबीर ने इन तमाम आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए अपनी जान का खतरा जताया है।
पेट्रोल पंप के पास गाड़ी पर हमला और ऑफिस में छुपकर बचाई थी जान
यह पूरा वाकया 12 अक्टूबर की शाम का है, जब भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सतबीर ने महम में एक पेट्रोल पंप के पास अपनी कार पर जानलेवा हमले का दावा किया था। सतबीर के मुताबिक, हमलावरों ने उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए थे, जिसके बाद उन्होंने खुद को बचाने के लिए कार को तेजी से रिवर्स किया और इस दौरान दोनों पक्षों की गाड़ियों में टक्कर भी हुई।
जान बचाने की जद्दोजहद में सतबीर अपनी गाड़ी से निकलकर सीधे पेट्रोल पंप के ऑफिस के अंदर जा घुसे, जिससे उनकी जान बच पाई थी। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और पुलिस ने शिकायत के आधार पर तुरंत मामला दर्ज कर लिया था।
आरोपियों का दावा: लाइसेंस और मंडल अध्यक्ष पद के नाम पर ऐंठे गए पैसे
दूसरी तरफ, जिन युवकों को इस मामले में आरोपी बनाया गया है, उनमें से ढिलू और शेखर नाम के व्यक्तियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर अपनी सफाई पेश की है। (Meham Police Station SHO Roshan Lal) आरोपी शेखर ने आरोप लगाया कि साल 2019 में मंडल अध्यक्ष पद की जुगत बिठाने और आर्म्स लाइसेंस बनवाने के नाम पर सतबीर ने उनसे 5 लाख रुपए लिए थे। शेखर का कहना है कि इसके बाद भी जब-जब जरूरत पड़ी, भाजपा नेता पैसे ऐंठता रहा।
उन्होंने सतबीर की संपत्ति की एंटी-करप्शन जांच करवाने की मांग करते हुए कहा कि बिना किसी काम-धंधे के आज वह अकूत संपत्ति का मालिक बन बैठा है। आरोपियों ने यह भी दावा किया कि 2020 में कौशल रोजगार निगम में गड़बड़ी और पैसों के लेन-देन के आरोप में पार्टी ने उसे पहले ही बाहर का रास्ता दिखा दिया था, लेकिन वह अब भी भाजपा नेता होने का रौब दिखाकर लोगों को डराता-धमकाता है।
नशा तस्करी के आरोप और पुलिस जांच का दायरा
आरोपियों ने वीडियो में यह भी दावा किया कि सतबीर के तार कथित तौर पर जुआरियों और नशा तस्करों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह तक कह डाला कि वह पुलिस विभाग को भी गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। उनकी गाड़ी पर लगी अवैध ब्लैक फिल्म के चालान कटने के बावजूद उसे न हटाने का हवाला देते हुए आरोपियों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, इन तमाम पलटवार पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता सतबीर ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और मनगढ़ंत हैं। उन्होंने किसी से कोई पैसा नहीं लिया है और 10 अक्टूबर से ही उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही थीं, जिसके बाद 12 अक्टूबर को उन्हें जान से मारने की नीयत से यह हमला किया गया।
एसएचओ बोले- हर एंगल से खंगाले जा रहे हैं साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए महम थाना पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। महम थाना प्रभारी (SHO) रोशन लाल ने मीडिया को जानकारी दी कि पुलिस भाजपा नेता पर हुए हमले की प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है और घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है। इसके साथ ही, आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की भी तकनीकी जांच कराई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और सबूतों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

