Rohtak News: प्रदेश में पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के हालिया प्रदर्शनों के बाद अब पुलिस का सख्त रुख देखने को मिल रहा है। छात्रों को उकसाने और सड़कों पर उतारने के आरोपियों को चिन्हित कर हरियाणा पुलिस लगातार हिरासत में ले रही है।
इसी कड़ी में रोहतक पुलिस ने भारतीय किसान मजदूर संगठन के प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व सरपंच उमेद सिंह को हिरासत में लिया है। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी के बाद किसान नेताओं में हड़कंप मच गया है क्योंकि परिजनों और समर्थक नेताओं को कई घंटों तक यह पता ही नहीं चला कि पुलिस उन्हें कहां ले गई है।
24 जुलाई को सरकारी स्कूल के बाहर बच्चों को बैठाने का आरोप
पूरा मामला 24 जुलाई का है, जब गांव रिठाल स्थित सरकारी स्कूल के बाहर कुछ बच्चे दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में तख्तियां लेकर धरने पर बैठ गए थे।
स्कूल प्रशासन का आरोप था कि बच्चों को बहला-फुसलाकर और भड़काकर धरने पर बैठाने के पीछे पूर्व सरपंच उमेद सिंह का हाथ है। स्कूल के शिक्षकों की ओर से इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज करवाई गई थी, जिसके बाद से ही पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी।
पंचायत खत्म होते ही एसआई ने पकड़ा, अधिकारी जताते रहे अनभिज्ञता
रविवार को मकड़ौली टोल के पास किसान यूनियन की एक अहम पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत के दौरान यूनियन नेताओं ने ज्ञापन लेने पहुंचे सिटी मैजिस्ट्रेट (सीटीएम) शुभम के सामने उमेद सिंह पर दर्ज एफआईआर का मुद्दा भी उठाया था। सीटीएम ने इस संबंध में एसपी से वार्ता करने का भरोसा दिया था। लेकिन पंचायत खत्म होते ही मुस्तैद खड़े एसआई सुभाष ने उमेद सिंह को हिरासत में ले लिया।
किसान नेता को पुलिस द्वारा ले जाने की खबर फैलते ही भाकियू और किसान यूनियनों के प्रतिनिधि तुरंत सदर थाना पहुंचे। हालांकि, सदर थाने में उमेद सिंह मौजूद नहीं थे। जब समर्थकों ने सदर थाना एसएचओ नीरज कुमार से संपर्क किया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है और वे चौकी इंचार्ज से फीडबैक ले रहे हैं। इसके बाद नेताओं ने घिलौड़ पुलिस चौकी का रुख किया, मगर वहां भी उमेद सिंह का कोई सुराग नहीं मिला, जिससे किसान समर्थकों में रोष गहराता जा रहा है।
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