Sonam Wangchuk: गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में बीते कुछ दिनों से जेरे इलाज लद्दाख के चर्चित पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को आज छुट्टी दी जा सकती है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उनके वाइटल्स पूरी तरह स्थिर हैं और वरिष्ठ डॉक्टरों की एक टीम उनकी अंतिम मेडिकल रिपोर्ट का रिव्यू कर रही है।
तबीयत में सुधार की खबर आते ही अस्पताल परिसर और आसपास के इलाके में हलचल बढ़ गई है। मेडिकल बुलेटिन के संकेतों की मानें तो वांगचुक अब शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट हैं और सामान्य रूप से चलने-फिरने की स्थिति में हैं।
भूख हड़ताल के दौरान बिगड़ी थी सेहत
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। लगातार अनशन के कारण जब उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा, तो एहतियातन उन्हें तुरंत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।
हालांकि, बाद में बेहतर चिकित्सकीय देखभाल और विस्तृत जांच के लिए उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर मिले इलाज और निगरानी के चलते उनके शरीर के सभी मुख्य अंगों के मापदंड अब सामान्य आ चुके हैं।
मेदांता के बाहर परिंदे को भी पर मारने की इजाजत नहीं, सुरक्षा सख्त
सोनम वांगचुक की संभावित छुट्टी को देखते हुए सोमवार सुबह से ही मेदांता अस्पताल के बाहर सुरक्षा का कड़ा पहरा लगा दिया गया है। पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की अव्यवस्था या समर्थकों के अचानक जुटने की संभावना को देखते हुए मुस्तैद नजर आ रहा है।
अस्पताल के प्रवेश और निकास द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। आने-जाने वाले वाहनों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह बरकरार रहे।
डिस्चार्ज होते ही राजघाट जाने की तैयारी
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जैसे ही डॉक्टरों की टीम सोनम वांगचुक को कागजी औपचारिकताएं पूरी कर छुट्टी देगी, वे बिना किसी देरी के सीधे दिल्ली स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि राजघाट के लिए रवाना होंगे।
लद्दाख की स्वायत्तता और पर्यावरण संरक्षण की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे वांगचुक का अगला कदम क्या होगा, इस पर अब न केवल शासन-प्रशासन बल्कि आम जनता की नजरें भी टिकी हुई हैं।
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