Sonipat News: हरियाणा के सोनीपत जिले में पर्यावरण नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाकर चलाई जा रही अवैध जींस वॉशिंग और डाइंग यूनिटों पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने शिकंजा कस दिया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की प्रिंसिपल बेंच में दाखिल ताजा स्टेटस रिपोर्ट में बोर्ड ने बताया है कि जांच के दौरान पकड़ी गई 6 में से 5 अवैध यूनिटों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। वहीं, छठी फैक्टरी को भी बंद करने के लिए उच्च अधिकारियों को सिफारिश भेजी गई है।
खरखौदा और कुंडली बेल्ट में चल रहा था अवैध धंधा, 5 फैक्टरियों पर जड़ा ताला
दरअसल, पर्यावरण कार्यकर्ता वरुण गुलाटी द्वारा दायर याचिका (OA नंबर 750/2023) पर सुनवाई के दौरान यह कार्रवाई सामने आई है। क्षेत्रीय अधिकारी अजय सिंह द्वारा एनजीटी में पेश हलफनामे के अनुसार, मई और जून 2026 में फिरोजपुर बांगर, हलालपुर, सैदपुर और जांटी कलां क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई थी।
इस दौरान बिना किसी valid Consent to Operate (CTO) के जींस वॉशिंग का काम कर रही 5 प्रमुख यूनिटों—पनाव वॉश, मलिक एंटरप्राइजेज, ब्लू फैब, आरएस वॉशिंग और गुरु जी एंटरप्राइजेज को अगस्त में सील कर उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) से इनके कनेक्शन कटवा दिए गए। वहीं फिरोजपुर बांगर की ‘मौर्य क्रिएशन’ पर भी क्लोजर ऑर्डर जारी कराने की प्रक्रिया जारी है।
बिजली-जीएसटी रिकॉर्ड से खुलेगी पोल, लगेगा भारी जुर्माना
अवैध रूप से चल रही इन यूनिटों से पर्यावरण को पहुंचे नुकसान का हिसाब चुकता करने के लिए बोर्ड ने चौतरफा घेराबंदी शुरू कर दी है। यूएचबीवीएन, आबकारी एवं कराधान विभाग और राजस्व विभाग को पत्र भेजकर इन फैक्टरियों के बिजली कनेक्शन, जीएसटी और जमीन के कागजात का पुराना रिकॉर्ड मांगा गया है।
इस दस्तावेज से यह साफ होगा कि ये इकाइयां कितने सालों से चल रही थीं। संचालन की वास्तविक तारीख सामने आते ही संचालकों पर भारी-भरकम पर्यावरणीय जुर्माना (Environmental Compensation) ठोका जाएगा और जल अधिनियम-1974 के तहत आपराधिक मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे।
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