Tarn Taran News: पंजाब के तरनतारन जिले में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए फील्ड में उतरे सरकारी अधिकारी पर हमला हुआ है। खडूर साहिब ब्लॉक के गांव कंग में पराली प्रबंधन संबंधी ड्यूटी निभा रहे क्लस्टर अधिकारी मनिंदर सिंह को कुछ लोगों ने निशाना बनाया और उन पर हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मनिंदर सिंह भूमि एवं जल संरक्षण अधिकारी, खडूर साहिब के पद पर तैनात हैं। घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर राहुल कुमार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी ड्यूटी के दौरान अधिकारी पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी कमिश्नर राहुल कुमार ने बताया कि मनिंदर सिंह को पराली प्रबंधन की निगरानी के लिए आठ गांवों का क्लस्टर अधिकारी नियुक्त किया गया है। इनमें कंग, होठियां, हंसावाला, भरोवाल, पिंडियां, खख, गोइंदवाल साहिब और मियाणी शामिल हैं। इन गांवों में पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने और किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए जागरूक करने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। उनके अधीन तीन नोडल अधिकारी भी काम कर रहे हैं। इसी ड्यूटी के दौरान गांव कंग में कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया।
डिप्टी कमिश्नर बोले- हमलावरों पर होगी सख्त कार्रवाई
घटना के संबंध में डिप्टी कमिश्नर राहुल कुमार ने कहा कि ड्यूटी निभा रहे क्लस्टर अधिकारी पर हमला करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को सरकारी जिम्मेदारी निभाते समय किसी तरह की बाधा या हमले का सामना नहीं करना चाहिए।
पराली जलाने पर रोक के लिए गांवों में गश्त कर रही संयुक्त टीमें
गौरतलब है कि धान की कटाई के बाद पंजाब में पराली प्रबंधन जिला प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है। खेतों में फसल अवशेष जलाने से निकलने वाला धुआं आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण बढ़ाता है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण पर भी पड़ता है। इसी को देखते हुए तरनतारन जिला प्रशासन की टीमें लगातार गांवों में निगरानी कर रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में कृषि विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें अलग-अलग गांवों में गश्त कर रही हैं। खेतों में आग लगाने की सूचना मिलने पर टीमें मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के प्रयास भी कर रही हैं।
प्रशासन की ओर से किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि वे फसल अवशेषों को आग लगाने से बचें। किसानों को पराली के उचित प्रबंधन के लिए कृषि मशीनरी का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए किसानों का सहयोग जरूरी है। इसके लिए खेतों में वैकल्पिक प्रबंधन के तरीकों को अपनाने और पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने की अपील की जा रही है।

