Yamunanagar News: यमुनानगर के जगाधरी स्थित गंगा नगर कॉलोनी में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब इलाके के एक नामी कारोबारी से फोन पर 1 करोड़ रुपये की मोटी रंगदारी की मांग की गई। खुद को पंजाब का कुख्यात गैंगस्टर ‘डोनी’ बताने वाले कॉलर ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि अगर रकम नहीं मिली, तो कारोबारी और उसके पूरे परिवार को अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा।
लगातार आ रही धमकियों और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला पुलिस कप्तान (SP) ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया है। कारोबारी की जान-माल की हिफाजत के लिए उनके आवास और आसपास बाकायदा पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। जगाधरी सिटी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच की कमान संभाल ली है।
विदेशी नंबरों से बार-बार आ रही कॉल्स, जुलाई से अक्टूबर तक बनाया जा रहा था दबाव
पुलिस को सौंपी गई आधिकारिक शिकायत के मुताबिक, गंगा नगर कॉलोनी के रहने वाले व्यापारी गरजा सिंह को बीते 13 जुलाई से लेकर 28 अक्टूबर के बीच कई बार अज्ञात इंटरनेशनल (विदेशी) नंबरों से कॉल्स आईं। जब भी वे फोन उठाते, दूसरी तरफ से एक ही भारी आवाज गूंजती— “1 करोड़ रुपये तैयार रखो, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो।”
कारोबारी ने शुरुआत में इसे किसी सिरफिरे की हरकत मानकर नजरअंदाज करने की कोशिश की, लेकिन जब महीनों तक अलग-अलग विदेशी नंबरों से लगातार रंगदारी और हत्या की धमकियां मिलने का सिलसिला जारी रहा, तो पीड़ित परिवार की रातों की नींद हराम हो गई। आखिरकार कोई अन्य रास्ता न देख पीड़ित ने पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया।
साइबर सेल और सीआईए की नजर, खंगाले जा रहे हैं इंटरनेशनल कॉल रिकॉर्ड्स
जगाधरी सिटी थाना पुलिस ने गरजा सिंह की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने जैसी संगीन धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
अब पुलिस की जांच का पूरा ध्यान उन फोन नंबरों के डिजिटल फुटप्रिंट्स और आईपी एड्रेस को ट्रैक करने पर टिका है, जिनसे कॉल्स आ रही थीं। साइबर क्राइम सेल और सीआईए (CIA) की टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह किसी असली गैंगस्टर का काम है या फिर कोई स्थानीय बदमाश पंजाब के गैंगस्टरों के नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैला रहा है और वसूली की फिराक में है।
परिवार को सुरक्षा चक्र, हर पहलू की बारीकी से जांच जारी
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों ने पीड़ित कारोबारी के घर के आसपास चौकसी बढ़ा दी है और आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल विदेशी नंबरों का नहीं हो सकता; इसमें किसी स्थानीय मुखबिर या स्थानीय नेटवर्क का हाथ होने की पूरी संभावना है, जिसने कारोबारी की आर्थिक स्थिति और दैनिक गतिविधियों की जानकारी बाहर साझा की हो।
पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि बहुत जल्द कॉल करने वाले के लोकेशन और गिरोह का पर्दाफाश कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

